भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आर्थिक अपराधों की आरोपी कंपनियों को सार्वजनिक नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में स्वामी ने कहा है कि नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए जरूरी सिक्योरिटी क्लीयरेंस दिए जाने के लिए दिशानिर्देश तय किए जाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस याचिका पर गौर करने पर सहमति जाहिर कर दी है।
स्वामी ने याचिका में कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को गृह मंत्रालय देखे, न कि कोई और संस्था। और न ही कोई अन्य मंत्रालय या व्यक्ति इस पर सवाल उठा सके। स्वामी की इस याचिका पर चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को नोटिस जारी किया है।
राज्यसभा सांसद ने याचिका में कहा है कि एक निजी एफएम रेडियो चैनल की ई-नीलामी के मामले में गृह मंत्रालय की सिक्योरिटी क्लीयरेंस के मुद्दे पर दिल्ली हाईकोर्ट और बांबे हाईकोर्ट ने अलग अलग राय जाहिर की। बांबे हाईकोर्ट ने कहा कि सिक्योरिटी क्लीयरेंस देने का विशेषाधिकार गृह मंत्रालय का है। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने कलानिधि मारन और पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन के सन ग्रुप को एयरवेव की नीलामी में हिस्सा लेने की मंजूरी दे दी। मारन बंधु एयरसेल मैक्सिस घोटाले में आरोपी हैं।
इस मंजूरी के बाद सन ग्रुप एफएम रेडियो चैनलों की नीलामी की प्रक्रिया में हिस्सा लेगा। हालांकि गृह मंत्रालय ने सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं दी थी, जबकि अटॉर्नी जनरल ने गृह मंत्रालय की राय के विपरीत कंपनी के पक्ष में राय जाहिर की। पीठ ने हालांकि सुरक्षा मंजूरी को सिर्फ एक औपचारिकता मात्र बताया, लेकिन याचिका पर नोटिस जारी कर दिया।