दक्षिणी राज्य के एक राज्यपाल के खिलाफ गृह मंत्रालय को यौन उत्पीड़न की शिकायत मिली है। जिसकी मंत्रालय जांच कर रही है। शिकायत में कहा गया है कि राज्यपाल राजभवन में काम करने वाली महिलाओं पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालते हैं। मंत्रालय ने अभी तक राज्यपाल की पहचान उजागर नहीं की है।
सूत्रों ने बताया कि केंद्र ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियों को मामले की जांच करने के आदेश दे दिए हैं। यदि राज्यपाल के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो उन्हें तत्काल इस्तीफा देने के लिए कहा जाएगा। इसी तरह की शिकायत पिछले साल जनवरी में मेघालय के राज्यपाल वी षणमुगनाथन के खिलाफ मिली थी। जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। उनपर राजभवन को 'लेडीज क्लब' जैसा बनाने के आरोप लगे थे।
बताया जा रहा है कि केंद्र ने कार्रवाई करते हुए फिलहाल राज्यपाल को समन नहीं भेजा है। केंद्र सरकार आरोपों को लेकर चिंतित है क्योंकि राज्य राजनीतिक तौर पर अस्थिर है। षणमुगनाथन के मामले में राजभवन के 100 से ज्यादा कर्मचारियों ने तब राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी से उन्हें वापस बुलाने के लिए कहा था। कर्मचारियों ने कहा था कि षणमुगनाथन ने राजभवन की गरिमा से गंभीर समझौता किया था। लोगों का आरोप था कि गवर्नर की मर्जी से ही राजभवन में लड़कियां आती-जाती थीं और उनमें से कई की पहुंच तो गवर्नर के बेडरूम तक थी।