देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को चिट्ठी लिखी है। इस दौरान केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों को बीमारी के प्रभावी प्रबंधन के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए कहा है।
इसमें कहा गया है कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सभी सावधानियों का पालन करना चाहिए। इन सावधानियों के साथ ही हमें कोरोना के खिलाफ लड़ाई जारी रखनी होगी। हमें निराश होने की जरुरत नहीं है। इसके साथ ही मंत्रालय ने कोरोना के दिशा-निर्देशों को 28 फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया है।
मंत्रालय ने वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप के कारण संक्रमण में तेजी से वृद्धि और 407 जिलों में संक्रमण दर के 10 प्रतिशत से अधिक रहने को लेकर यह फैसला किया है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 22 लाख से अधिक हो गई है, हालांकि ज्यादातर मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं और कम मरीज अस्पतालों में हैं।
भल्ला ने कहा कि स्थानीय स्तर पर संक्रमण के मामले और मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने की स्थिति के आधार पर स्थानीय प्रतिबंधों को लागू करना और हटाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जांच, संक्रमित लोगों के संपर्कों का पता लगाना, उपचार, टीकाकरण और कोविड-उपयुक्त व्यवहार के पालन की पांच-सूत्री रणनीति पर लगातार ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। भल्ला ने कहा कि सभी सार्वजनिक क्षेत्रों और सभाओं में मास्क पहनना और सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसे कोविड मानदंडों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
मंडाविया कल करेंगे बैठक
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया कल यानी शुक्रवार को दक्षिणी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ कोरोना टीकाकरण, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और आपातकालीन प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारी पैकेज पर बातचीत करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई।