फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने चार धाम परियोजना पर गठित समिति को रक्षा मंत्रालय की याचिका पर गौर करने के लिए कहा

Thu, 03 Dec 2020 02:29 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने चार धाम सड़क परियोजना की निगरानी के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति को रक्षा मंत्रालय द्वारा चीन सीमा के पास सड़कों को चौड़ा करने की मांग पर विचार करने के लिए कहा है। पूर्वी लद्दाख में तनाव के हालात को देखते हुए मंत्रालय ने सड़कों के लिए निर्धारित 5.5 मीटर चौड़ाई को बढ़ाकर सात मीटर करने की मांग की है।

विज्ञापन


जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने रक्षा मंत्रालय के आवेदन पर समिति को दो हफ्ते के भीतर विचार करने के लिए कहा है।


मंत्रालय ने अपने आवेदन में सुप्रीम कोर्ट के 8 सितंबर के आदेश में बदलाव करने की अपील की है जिसमें सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय को 2018 के सर्कुलर के मुताबिक सड़कों की चौड़ाई अधिकतम 5.5 मीटर रखने की बात कही गई थी।
विज्ञापन


मंत्रालय की ओर से कहा गया कि सड़क मार्ग व राजमार्ग मंत्रालय ने सर्कुलर जारी करते वक्त देश की रक्षा से जुड़े मसलों पर गौर नहीं किया। इस पर पीठ ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आपके दो मंत्रालयों के बीच ही टकराव है।

मंत्रालय के आवेदन में कहा है कि ऋषिकेश से मना, ऋषिकेश से गंगोत्री और टनकपुर से पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को दो लेन करने की जरूरत है।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अल्पमत रिपोर्ट में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ द्वारा 20 सितंबर 2019 को दिए गए वक्तव्य का हवाला दिया गया था कि भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में सड़कों की चौड़ाई पर्याप्त है।

मंत्रालय ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत से सीमा पर हालात बदल गए हैं, ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि आर्मी स्टेशनों से भारत चीन सीमा पर सैनिकों व अस्त्र-शस्त्रों की आवाजाही सुगम हो। मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य की सुरक्षा खतरे में है। सेना को उन इलाकों में सात मीटर चौड़ी सड़क की दरकार है जिससे आवाजाही में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। मंत्रालय ने कहा है कि देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठ सितंबर के आदेश में बदलाव किया जाना चाहिए।

चार धाम परियोजना का मकसद पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के चार तीर्थ स्थलों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को एक-दूसरे से जोड़ना है। इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद हर मौसम में तीर्थयात्री चार धाम की यात्रा कर सकेंगे।

इस परियोजना के तहत 889 किलोमीटर सड़क को चौड़ा किया जाना है। करीब 1200 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत अब तक 400 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जा चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें