केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो विशेष समितियों का गठन किया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ये विशेष समितियां सीएपीएफ से जुड़े सभी केंद्रीय सुरक्षा बलों की विभिन्न प्रकार की मंजूरियों और समस्याओं का निस्तारण करेंगी। इन समितियों का गठन पिछले सप्ताह किया गया है। इससे करीब 10 लाख जवानों वाले इन सुरक्षा बलों की समस्याओं का त्वरित हल मिल पाएगा।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, दोनों समितियों का गठन पिछले साल दिसंबर में सीआरपीएफ के एक कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से की गई एक घोषणा से जुड़ा है। शाह ने इस साल अगस्त तक सभी केंद्रीय सुरक्षा बलों को अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त करने और उनके कल्याण से जुड़ी योजनाएं लागू करने की घोषणा की थी। ये समितियां इसी घोषणा को त्वरित तरीके से पूरा करने के लिए बनाई गई हैं।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के दायरे में सभी अर्द्धसैनिक बल यानी सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और सशस्त्र सीमा बल आदि आते हैं। लेकिन असम राइफल्स के सीएपीएफ का हिस्सा नहीं होने के बावजूद ये समितियां इस फोर्स से जुड़े मुद्दों का भी हल तलाशेंगी।