फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुलंदशहर गैंगरेप: गृहमंत्रालय ने यूपी पुलिस से मांगी रिपोर्ट

Mon, 01 Aug 2016 07:05 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : file photo
विज्ञापन
बुलंदशहर गैंगरेप मामले में पहले से किरकिरी झेल रही यूपी पुलिस की मुसीबत अब और बढ़ गई है। गृहमंत्रालय ने यूपी पुलिस से रिपोट मांगी है। वारदात के वक्त 100 नंबर काम नहीं कर रहा था। मां-बेटी के साथ वारदात को बेहद सार्वजनिक इलाके हाईवे पर अंजाम दिया गया। वारदात से जुड़ी सारी परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है और यूपी पुलिस से जवाब मांगा है।
विज्ञापन


अब तक की पुलिस की तफ्तीश के मुताबिक पीड़ित ने बताया कि जब वारदात हो रही थी, उसी समय पुलिस की जीप हाईवे से गुजरी लेकिन बदमाशों के आतंक के कारण वे मदद नहीं मांग पाए।

वारदात के बाद पीड़ित परिवार ने 100 नंबर पर चार बार संपर्क साधा। एक बार भी रिस्पॉंस नहीं आया। डीजीपी ने इसे बड़ी चूक माना है। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि  पीड़ित मां-बेटियों को 200 से अधिक अपराधियों के फोटो दिखाए गए । जिनमें से बेटी ने दो फोटो में दरिंदों की शिनाख्त की।  
विज्ञापन


मां-बेटी से गैंगरेप के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कर ली है।  जल्द ही बाकी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाने की मांग की जाएगी।' - जावीद अहमद, डीजीपी, उत्तर प्रदेश

अपराधियों को सजा दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से हर संभव मदद मिलेगी। गैंगरेप में शामिल अपराधियों को ऐसी सजा दी जाएगी, जो सूबे में बदमाशों के लिए नजीर साबित होगी। बदमाशों पर एनएसए लगाया जाएगा।' - देवाशीष पंडा ,प्रमुख सचिव गृह

'राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्यों को  चार घंटे तक पीड़ित बच्ची और महिलाओं से नहीं मिलवाया गया। पीड़ित महिलाओं ने हमें आपबीती बताई। पुलिस को पीड़ित महिलाओं से कतई हमदर्दी नहीं थी। मां-बेटी की काउंसलिंग भी नहीं कराई गई।'  रेखा शर्मा , सदस्य राष्ट्रीय महिला आयोग
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें