केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों का 'चिंतन शिविर' सोमवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित किया गया। इस चिंतन शिविर की अध्यक्षता केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। उन्होंने सीएपीएफ-कर्मियों के कल्याण के लिए मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे कामों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि सीएपीएफ-कर्मियों का कल्याण मोदी सरकार की हमेशा से प्राथमिकता रही है। इस दौरान गृह मंत्री ने आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ करने में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भूमिका की सराहना भी की।
बैठक के दौरान, गृहमंत्री ने सीमापार से घुसपैठ और मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए सीमा पर अत्यधिक चौकसी बरतने की जरूरत पर बल दिया। साथ ही कहा कि सीमावर्ती इलाकों को विकसित करने और वहां रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम शुरू किया गया है। उन्होंने जवानों में मोटे अनाज के प्रति अभिरुचि पैदा करने के साथ-साथ खाने में कम से कम 30 प्रतिशत श्री अन्न को शामिल किए जाने पर बल दिया।
बैठक के दौरान, गृहमंत्री शाह ने सीमाओं की सुरक्षा के लिए सीमावर्ती गांव के निवासियों के साथ संपर्क और संवाद कायम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है। साथ ही सभी सीएपीएफ को स्थानीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन रुकेगा। इस दौरान उन्होंने हर सीएपीएफ इकाई को ड्रोन तकनीक और ड्रोन-रोधी उपायों पर काम करने के लिए एक समर्पित टीम के गठन करने का भी निर्देश दिया।
बैठक के दौरान गृहमंत्री शाह ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा को ज़िले की कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वयसे ही सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने जवानों के कल्याण, खेलकूद को बढ़ावा देने और जवानों के परिजनों के बारे में संवेदनशीलता के साथ सोचने की ज़रूरत पर बल दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की आयुष्मान सीएपीएफ योजना हर जवान को आयुष्मान करने की योजना है। सभी सीएपीएफ को इस योजना को त्रुटिरहित बनाने के लिए जवानों से सुझाव लेने चाहिए। उन्होंने सीएपीएफ के सभी अस्पतालों में आम जनता के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कहा कि हर जवान को कम से कम 5 वृक्षों को अपना परिवार बनाना चाहिए, इससे पर्यावरण स्वच्छ होने के साथ-साथ जवानों के मन में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ेगी।
गैर-जनरल ड्यूटी के सभी पद भरे जाएं
उन्होंने कहा कि इस वर्ष नवंबर तक सीएपीएफ के सभी निर्मित आवास आवंटित हो जाने चाहिए। उन्होंने भविष्य में बनने वाले सभी आवासों का ई-आवास पोर्टल के जरिये दो महीने में आवंटन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सीएपीएफ में गैर-जनरल ड्यूटी के सभी पद भरने को कहा और भर्ती प्रक्रिया में आ रही किसी भी अड़चन को एक महीने में दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने जवानों में मिलेट्स के प्रति अभिरुचि पैदा करने के साथ-साथ खाने में कम से कम 30 प्रतिशत श्रीअन्न को शामिल किए जाने पर बल दिया।
चिंतन शिविर में बलों से संबंधित विभिन्न विषयों जैसे सीमा सुरक्षा, क्षमता निर्माण, कनिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन, पुलिस और जनता के बीच संबंध, सोशल मीडिया और विधि प्रवर्तन, केंद्र और राज्यों के विषय, मिशन भर्ती, आयुष्मान सीएपीएफ की निगरानी, प्रशिक्षण, सीएपीएफ ई-आवास पोर्टल, अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी, कल्याण, अनुभव साझा करना और श्रेष्ठ परिपाटियों आदि पर चर्चा हुई। साथ ही खुले सत्र में अधिकारियों ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गृह मंत्री को सुझाव दिए।
आपदा प्रबंधन मंत्रियों के साथ करेंगे बैठक
वहीं, गृह मंत्री मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आपदा प्रबंधन मंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिन भर चलने वाली बैठक में भी शामिल होंगे।