आंतरिक सुरक्षा और वीजा नियमों को उदार बनाने के मामलों को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस माह के अंत में रूस का दौरा करेंगे। सूत्र बताते हैं कि गृह मंत्री का चार दिवसीय रूस दौरा 26 नवंबर से शुरू होगा। वे 29 नवंबर को स्वदेश वापसी करेंगे
इस दौरे में वे पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकवाद और इलाके में आईएस की गतिविधियों का मुकाबला करने के प्रयासों को लेकर बातचीत करेंगे। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री वहां के आंतरिक मामलों के मंत्री से आतंकवाद विरोधी सहयोग पर भारत-रूस के साझा प्रयासों से संबंधित मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
दोनों देश जम्मू-कश्मीर में सीमापार आतंकवाद और देश-पड़ोस में आईएस की बढ़ती गतिविधियों पर भी चर्चा करेंगे। गृहमंत्री का यह रूस दौरा पिछले वर्ष सितंबर में प्रस्तावित था, लेकिन तब उड़ी में हुए आतंकी हमले की वजह से राजनाथ ने अपना रूस और अमेरिका दौरा स्थगित कर दिया था। अब वे 26 नवंबर को रूस दौरे पर मॉस्को रवाना होंगे।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
रूस दौरे के दौरान गृह मंत्री आतंकवाद विरोधी सहयोग को बढ़ाने को लेकर अपने रूसी समकक्ष से बातचीत करेंगे। इसके अलावा वांछित अपराधियों के प्रत्यर्पण और वीजा सिस्टम को उदार बनाने के विषय शामिल हैं।
दोनों देश अपने विमान चालकों और क्रू सदस्यों के लिए वीजा फ्री एंट्री की व्यवस्था कर सकते हैं। टेंपररी लैंडिंग परमिट के जरिए दोनों देशों के पायलट और केबिन क्रू बिना वीजा के ही एक-दूसरे देश में आ जा सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि राजनाथ ने चंद माह पहले भारत आए रूस के आंतरिक सुरक्षा मंत्री से चर्चा में पाकिस्तान का मामला रखा था।
पाक को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग करने की कोशिश में भारत ने रूसी मंत्री को बताया था कि पाकिस्तान बार-बार भारत में घुसपैठिये भेजकर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। यही नहीं, पाकिस्तान में आतंकियों के लिए 17 ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं।