केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नौकरशाहों को नेताओं की हां में हां मिलाने वाला नहीं बनने की सलाह दी है। नई दिल्ली में आयोजित सिविल सर्विसेज डे के कार्यक्रम में राजनाथ ने कहा कि अगर नेता गलत फैसले लेते हैं तो नौकरशाह उसे गलत बताने से हिचकें नहीं। कार्यक्रम के शुरू होने में थोड़ी देरी पर राजनाथ ने अपने संबोधन के दौरान अधिकारियों को नसीहत भी दी।
कार्यक्रम अपने तय समय से तकरीबन 12 मिनट देरी से शुरू हुआ। राजनाथ तय समय से भी पांच मिनट पहले पहुंच गए थे। राजनाथ ने कहा कि देरी की वजहें हो सकती हैं और वह सही भी हो सकती हैं। लेकिन इस बात का विश्लेषण होना चाहिए कि ऐसी स्थिति क्यों आई।
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गृहमंत्री ने कहा कि सिविल सेवकों को निष्पक्ष होना चाहिए और निर्णय लेने में नहीं हिचकना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर पद पर बैठे नेता कोई गलत आदेश देते हैं तो उन्हें नियम बताने से डरें नहीं। उन्हें बताएं कि आप कानूनी रूप से गलत हैं। आप फाइल पर हस्ताक्षर न करें। अपनी अंतरात्मा को धोखा मत दें। कार्यक्रम में कई आईएएस और अन्य अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों ने भाग लिया।
राजनाथ ने समाज में बदलाव लाने में नौकरशाहों की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि सिविल सेवा में बहुत शक्ति है। लेकिन यह ताकत जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ आती है। गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश में कई नये विकास कार्यक्रम शुरू करने के साथ ही कई योजनाएं चला रही है जिनमें सिविल सेवकों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।