पश्चिम बंगाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय सकते में आ गया है। सरकार ने कार्रवाई करते हुए नड्डा की सुरक्षा से जुड़े तीन आईपीएस अफसरों को डेप्युटेशन पर दिल्ली बलाया है। वहीं सोमवार को गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब किया है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, इन दोनों अधिकारियों से जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले की जानकारी लेंगे।
दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 19-20 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के दौरे पर जा सकते हैं। ऐसे में केंद्रीय एजेंसियां उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सूत्रों के अनुसार, शाह के दौरे में जेपी नड्डा की तरह सुरक्षा में चूक न हो, इसके लिए नई सुरक्षा योजना पर काम किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री के पास जेड प्लस सुरक्षा कवर है। उनकी हिफाजत में 24 घंटे सीआरपीएफ के कमांडो तैनात रहते हैं।
पश्चिम बंगाल में उनके प्रस्तावित दौरे में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। सीआरपीएफ के अलावा बीएसएफ भी उनकी सुरक्षा में तैनात की जा सकती है। प्रोटोकॉल के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस भी केंद्रीय मंत्री के दौरे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करेगी।
बता दें कि कोलकाता में गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के बाद कोलकाता से लेकर दिल्ली तक की राजनीति गरमा गई है। दोनों पक्षों की तरफ से बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद नड्डा के काफिले पर हुए हमले को एक सोची समझी चाल बता चुके हैं।
पश्चिम बंगाल के दोनों शीर्ष नौकरशाहों में से डीजीपी की भूमिका को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय कोई सख्त कदम उठा सकता है। इसमें राज्य सरकार को उनके खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश करना शामिल है। पश्चिम बंगाल की भाजपा इकाई ने भी डीजीपी को उनके पद से हटाने की मांग की है। इसके अलावा राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इसमें उन्होंने जेपी नड्डा की सुरक्षा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार की प्रशासनिक विफलताओं का जिक्र किया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय, अमित शाह की सुरक्षा को लेकर इसलिए भी चिंतित है, क्योंकि राज्यपाल धनखड़ ने अपनी रिपोर्ट में ऐसे कई बिंदुओं का जिक्र किया है, जिसमें पुलिस प्रशासन की लापरवाही स्पष्ट दिखाई पड़ती है। राज्यपाल ने जेपी नड्डा की सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव को सचेत कर दिया था।
मुख्य सचिव ने राजभवन को आश्वस्त किया था कि नड्डा की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। इस बाबत राज्य के डीजीपी से बात हो गई है। इतना ही नहीं, राज्यपाल ने खुद मुख्य सचिव से चर्चा की थी। इसके बावजूद कुछ ही देर बाद सूचना मिली कि नड्डा के काफिले पर हमला हुआ है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि जब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने खुद ही मुख्य सचिव को फोन कर हमले की आशंका जताई थी और उसके बाद भी उसे टाला नहीं जा सका, ये एक गम्भीर चिंता का विषय है। यही वजह है कि अब गृह मंत्रालय अमित शाह के दौरे में इस तरह की सुरक्षा चूक बर्दाश्त नहीं करेगा।
इसके लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान उनके दौरे में तैनात किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, शाह की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जैमर और बुलेट प्रूफ वाहन का भी इंतजाम किया जाएगा। संभावित है कि कुछ वाहन एवं सुरक्षा से जुड़े तकनीकी उपकरण दिल्ली से पश्चिम बंगाल में भेजे जाएं।