बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को कृष्ण मेनन मार्ग पर स्थित अपने नए आवास में शिफ्ट हो गए। यह आवास उनके पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस्तेमाल किया करते थे। उनके निधन के बाद यह आवास रिक्त हो गया था। इसके पहले अमित शाह अकबर रोड के उस आवास पर रहते थे, जिससे कुछ ही दूरी पर कांग्रेस पार्टी का मुख्यालय हुआ करता है। लुटियन जोन में राष्ट्रपति भवन और संसद के पास स्थित इस क्षेत्र को दिल्ली की सबसे सुरक्षित एरिया माना जाता है।
करते हैं आधे बंगले का इस्तेमाल
पिछले बंगले की एक बात अमित शाह को दूसरे राजनेताओं से जुदा करती है। ज्यादातर नेता अपने लिए बड़ा बंगला पाने की कोशिश करते हैं, जिससे लोगों पर अपनी धमक का अहसास कराया जा सके। लेकिन अमित शाह उन चंद नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने अपने पूरे बंगले का कभी इस्तेमाल ही नहीं किया। वे अकबर रोड स्थित बंगले के आधे लॉन का ही इस्तेमाल करते थे। इसके पीछे उनका तर्क था कि पूरा बंगले का इस्तेमाल करने पर ज्यादा पानी की खपत होगी। इसलिए पानी बचाने के लिए वे आधे बंगले में ही रहते थे। इसमें उनके व्यक्तिगत आवास से लेकर पार्टी के लिए एक छोटा ऑफिस भी हुआ करता था।