केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज दूसरे 'चिंतन शिविर' की अध्यक्षता की। नई दिल्ली में होने वाले चिंतन शिविर में पीएम मोदी के 'विजन 2047' को अमल में लाने के लिए एक्शन प्लान पर चर्चा की गई। बता दें, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया है। चिंतन शिविर का उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करना और प्रधानमंत्री के ‘विजन 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्ययोजना बनाना है। मोदी ने ‘विजन डॉक्यूमेंट ऑफ इंडिया @ 2047’ के तहत 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य रखा है।
चिंतन शिविर की अध्यक्षता की थी
इस साल की शुरुआत में, 'इंडिया @ 2047' योजना के हिस्से के रूप में जल सुरक्षा की चुनौतियों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने राजनीतिक इच्छाशक्ति, सार्वजनिक वित्तपोषण, साझेदारी, सार्वजनिक भागीदारी और स्थिरता के लिए 5पी मंत्र की घोषणा की थी। इससे पहले शाह ने 18 अप्रैल को गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के पहले 'चिंतन शिविर' की अध्यक्षता की थी। शाह ने शिविर में साइबर अपराध प्रबंधन, पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, आपराधिक न्याय प्रणाली में आईटी के बढ़ते उपयोग, भूमि सीमा प्रबंधन और तटीय सुरक्षा मुद्दों के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया था।
ट्रेनिंग के महत्व पर भी जोर दिया
शाह ने अधिकारियों से कहा था कि विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठकें नियमित रूप से होनी चाहिए। इससे कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिल सकेगी। साथ ही उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए विभिन्न कल्याणकारी उपाय करने पर भी जोर दिया था। गृह मंत्री ने तब ट्रेनिंग के महत्व पर भी जोर दिया था। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के सभी विंगों द्वारा नियमित ट्रेनिंग आयोजित किया जाना चाहिए। शाह ने तब गृह मंत्रालय के अधिकारियों को विकास योजनाओं की निगरानी के लिए क्षेत्र का दौरा करने का सुझाव दिया था।