लोकसभा में भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक 2023 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इससे पहले इस पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि तीन आपराधिक कानूनों की जगह लाए गए विधेयक गुलामी की मानसिकता को मिटाने और औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति दिलाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं।
ट्रायल इन एब्सेंसिया का प्रावधान
अमित शाह ने कहा कि ट्रायल इन एब्सेंसिया का प्रावधान लाया गया है। देश में कई मामलों ने हमें झकझोर कर रख दिया, चाहे वह मुंबई बम ब्लास्ट हो या कोई और। वो लोग दूसरे देशों में छुपे हुए हैं और जिस वजह ये ट्रायल नहीं चल पा रहा है। उन्हें अब यहां आने की जरूरत नहीं है। अगर वे 90 दिनों के भीतर अदालत में पेश नहीं होते हैं तो उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलेगा। उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए एक सरकारी वकील नियुक्त किया जाएगा। उन्हें फांसी तक की सजा हो सकती है। इससे उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी, क्योंकि इससे उन पर मुकदमा चलने पर दूसरे देश में उनकी स्थिति बदल जाएगी।
'मोदी सरकार पहली बार आतंकवाद की व्याख्या करने जा रही'
उन्होंने कहा कि आतंकवाद की व्याख्या अब तक किसी भी कानून में नहीं थी। पहली बार अब मोदी सरकार आतंकवाद की व्याख्या करने जा रही है। यह मानव अधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है। इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे हम बख्शेंगे नहीं। इसके साथ ही राजद्रोह को देशद्रोह में बदला जा रहा है।
'ये पीएम मोदी की सरकार है, जो कहती है वो करती है'
गृह मंत्री ने कहा कि हमने कहा था कि अयोध्या में हम जल्द से जल्द राम मंदिर बनाएंगे और 22 जनवरी 2024 को वहां रामलला विराजमान हो जाएंगे। ये पीएम मोदी की सरकार है, जो कहती है वो करती है। हमने कहा था कि हम संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देंगे। कांग्रेस कई बार सत्ता में आई और तारीखें देती रहीं, लेकिन हमने इसे पूरा किया और बहुमत के साथ महिलाओं को सशक्त बनाया।