नीतीश कुमार ने हाल ही में दावा किया था कि आरसीपी सिंह को मंत्री बनाने के लिए उन्होंने सहमति नहीं दी थी। उनके इस दावे को गृहमंत्री अमित शाह ने खारिज कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, बिहार भाजपा के प्रमुख नेताओं के साथ मंगलवार को हुई बैठक में गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि बीते साल हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार से पहले उन्होंने नीतीश कुमार से बात की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि आरसीपी सिंह को शामिल किया जा सकता है।
गौरतलब है कि बिहार में बदली सियासत के बीच मंगलवार को बिहार भाजपा के नेताओं की एक बैठक दिल्ली में हुई थी। इसमें इन परिस्थितियों पर चर्चा के साथ ही आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर भी रणनीति तैयार की गई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान ही गृहमंत्री शाह ने बताया कि बीते साल जब जुलाई महीने में केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार किया गया था तब नीतीश कुमार से उनकी बात हुई थी। उस समय जदयू के अध्यक्ष आरसीपी सिंह थे, और वे केंद्रीय मंत्री बनना चाहते थे। उनकी इस मंशा को नीतीश कुमार ने बयां किया था। हालांकि इस दौरान नीतीश कुमार ने अमित शाह से उनकी पार्टी के दो नेताओं को केंद्रीय मंत्री बनाने के लिए कहा था। इस पर अमित शाह ने कहा था कि पार्टी के एक ही नेता को जगह दी जा सकती है। इस पर नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह का समर्थन किया था।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की भावी रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में सांगठनिक फेरबदल की भी चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की। भाजपा के संगठन महासचिव बी एल संतोष भी इस बैठक में मौजूद रहे।
ये नेता रहे शामिल
बैठक में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, गिरिराज सिंह और नित्यानंद राय के अलावा वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद, सुशील मोदी, नंदकिशोर यादव, बिहार के सह प्रभारी हरीश द्विवेदी भी उपस्थित हुए। इनके अलावा बिहार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी तथा पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन भी इस बैठक में पहुंचे।