गुजरात की औद्योगिक राजधानी के तौर पर विकसित राजकोट पूरी तरह भाजपा और कांग्रेस के पोस्टरों, बैनरों और होर्डिंग्स से पटा पड़ा है। मुख्यमंत्री विजय रूपानी से पहले यहां कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार इंद्रनील राजगुरु ने सारे खंभों और चौराहों की बड़ी-बड़ी होर्डिग्स अपने नाम बुक कर लिए और बाद में विजय रूपानी ने उन्हीं खंभों पर नीचे की तरफ उतनी ही संख्या में अपने पोस्टर्स और बैनर लगवा दिए।
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पोस्टर वार में यहां कोई किसी से कम नहीं है। इंद्रनील फिलहाल राजकोट पूर्व से कांग्रेस के विधायक हैं लेकिन इस बार उन्होंने रूपानी को चुनौती देने के लिए पूर्व की अपनी सीट छोड़कर राजकोट पश्चिम से लड़ने की तैयारी कर रखी है।
हालांकि कांग्रेस ने अभी उनकी उम्मीदवारी घोषित नहीं की है, लेकिन वो राजकोट के इकलौते कांग्रेसी विधायक हैं जो आत्मविश्वास से भरे हैं।
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रूपानी करते हैं दिखावे की राजनीति
रेसकोर्स के पास कांग्रेस के दफ्तर में सुबह से ही बहुत गहमागहमी है। इंद्रनील से मिलने वालों का तांता लगा है और रूपानी को हराने के लिए रणनीतियां बनाई जा रही हैं। अमर उजाला से बात करते हुए इंद्रनील बताते हैं कि रूपानी हर हफ्ते यहां आते हैं, लोगों से मिलते हैं, घर-घर जाते हैं लेकिन उन्होंने राजकोट के लिए कुछ नहीं किया।
भ्रष्टाचार और दिखावे का यहां बोलबाला है। अपराधियों से उनकी सांठगांठ है और लोग अब उनकी असलियत समझ चुके हैं। मोदी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनवा दिया और पिछले साल इस सीट से चुनाव भी जितवा दिया। लेकिन राजकोट की जनता जानती है कि रूपानी सिर्फ दिखावे की राजनीति करते हैं।