केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर समाज को बांटने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या का जिक्र करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
भाजपा की ओर से पूरे राज्य में चल रही परिवर्तन यात्रा के दौरान रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा, कांग्रेस सरकार अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत फैलाने में विश्वास रखती है। अगले साल कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा आयोजित कर सिद्धारमैया सरकार पर निशाना साध रही है।
राजनाथ ने कहा, रुद्रेश, कुट्टप्पा और 19 साल के परेश मेस्ता की हत्या कर दी गई। अगर राज्य में भाजपा सरकार आई तो हर मामले की गहराई से जांच होगी। इस साल की शुरुआत में आएसएस कार्यकर्ता रुद्रेश की हत्या कर दी थी, वहीं 2015 में ऐसा ही विहिप नेता डीएस कुट्टप्पा के साथ हुआ था।
इस साल सितंबर में अज्ञात हमलावरों ने गौरी लंकेश की हत्या कर दी थी। उत्तर कन्नड़ जिले में मछुआरा समाज के मेस्ता की संदिग्ध हालात में हत्या कर दी थी। भाजपा का आरोप है कि जेहादी तत्वों ने उनकी हत्या की है।
राजनाथ के मुताबिक जब 18वीं शताब्दी के मैसूर के सुल्तान टीपू सुल्तान को लेकर विवाद है, तो राज्य सरकार को उनकी जयंती मनाने से बचना चाहिए। उनकी जगह कित्तूर की रानी चेन्नम्मा और बेंगलुरु के संस्थापक केंपे गौड़ा का जन्मदिन मनाना चाहिए। पर कर्नाटक सरकार समाज को बांटना चाहती है।
उन्होंने कहा, कर्नाटक सरकार ने मुस्लिमों को आरक्षण दिया, जबकि संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। धर्म के नाम पर आरक्षण राज्य के लोगों के साथ धोखा है।