राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बन रहा आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन अब ताकत में और इजाफा कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो आतंकी संगठन ने घाटी में अपने स्लीपर सेल्स को युवाओं को लुभाने के लिए लगा दिया है।
मुंबई मिरर की खबर के मुताबिक एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि हाल के दिनों में कश्मीर में उन युवाओं के लिए हिजबुल मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन पहली पसंद बना हुआ है, जो आतंकी संगठन में शामिल होना चाहते हैं। घाटी में हिजबुल के पास समर्थकों की पर्याप्त संख्या है और अब यह आतंकी संगठन अपनी विचारधारा से युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें आतंकी बनाने के लिए अपने स्लीपर सेल्स सक्रिय कर चुका है।
घाटी के हालात यह भी दर्शाते है कि हिंसा में शामिल रहने वाले लड़ाके पहले से ज्यादा चालाक और असर छोड़ने वाले हो गए हैं। भारतीय सेना के अनुसार घाटी में नए लड़ाकों समेत कुल सक्रिय लड़ाकों की तादात 200 से 250 तक हो गई है।
सभी जिलों में फैले हैं हिजबुल मुजाहिद्दीन के 100 आतंकी
खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में पनाह लेने वाला हिजबुल मुजाहिद्दीन का सरगना सैयद सलाउद्दीन कश्मीर में युवाओं को भड़काने की हर मुमकिन कोशिश में लगा हैं। कश्मीर हिंसा के माहौल को लेकर आतंकी सलाउद्दीन भारत को पाकिस्तान की तरफ से परमाणु हमले तक की धमकी दे चुका है। घाटी के सभी जिलों में हिजबुल मुजाहिद्दीन के तकरीबन 100 आतंकी फैले हुए बताए जाते हैं।
सूत्रों की मानें तो नकाबपोश आतंकी लोगों में दहशत फैलाने के काम में लगे हैं। वे दक्षिण कश्मीर में मोटरसाइकिल पर हरा झंडा लेकर निकलते हैं और उन्हें धमकाते हैं के वे घाटी में बंद के लिए हुर्रियत का साथ दें। आतंकी लोगों को फरमान न मानने पर अंजाम भुगतने की धमकी देते हैं। वे लोगों को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हमले करने के लिए उकसा रहे हैं।
कब होंगे घाटी में हालात सामान्य?
- फोटो : ANI
शुक्रवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में एक और युवा कश्मीर हिंसा की भेंट चढ़ गया। इसी के साथ हिंसा में मरने वालों की संख्या 69 हो गई है। कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहानी वानी की मौत के बाद से हिंसा और कर्फ्यू जारी है। हालात सामान्य करने की कोशिशों में राज्य के साथ केंद्र सरकार भी लगी हुई है।
हाल ही में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर का दौरा किया, और अब सीएम महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी से मुलाकात की। इससे पहले विपक्ष के नेताओं के साथ कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अबदुल्ला भी राष्ट्रपति और पीएम मोदी से मिले थे।
उधर, घाटी में जारी हिंसा और कर्फ्यू से बड़े पैमाने पर व्यापार का नुकसान हुआ है। एक आंकलन के मुताबिक तकरीबन साढ़े छह हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
फिलहाल सभी की निगाहें घाटी में सामान्य हालात बनने पर हैं।