आतंकवाद को पनाह न देने का दम भरने वाले पाकिस्तान का दोहरा रवैया एक बार फिर से सामने आया है। इंडिया टुडे टीवी के अनुसार एक उच्च अधिकारी ने उन्हें बताया है कि पाकिस्तान के कॉलेजों में कश्मीर के उन बच्चों को कोटा दिया जा रहा है, जिनके मां-बाप कश्मीरी आतंकवादी हैं या अलगाववादी हैं। इतना ही नहीं, इन बच्चों को स्कॉलरशिप भी देने की योजना है।
इसके लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सईद सलाहुद्दीन ने हाथ मिला लिए हैं। हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख के अलावा इसमें कश्मीर में हिंसक हमलों में शामिल कई अन्य अलगाववादी नेता भी हैं। हालांकि, सबसे बड़ी भूमिका हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन की ही है। आपको बता दें कि सलाहुद्दीन ने ही इस साल पंजाब के पठानकोट में एयरबेस पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली थी।
सूत्रों के अनुसार सलाहुद्दीन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिए यह सुझाव देता है कि किसे मेडिकल, इंजीनियरिंग या फिर मैनेजमेंट कॉलेज में दाखिला देना चाहिए। इन जानकारियों के मिलने के बाद विश्लेषकों का मानना है कि कश्मीर से बच्चों को पढ़ाई के नाम पर पाकिस्तान बुलाया जाएगा और फिर जिहाद की दलदल में धकेल दिया जाएगा।