एचआईवी के खतरे से निपटने के लिए गोवा सरकार एक खास कानून लाने की तैयारी कर रही है। गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने बताया कि राज्य सरकार शादी के पंजीकरण से पहले युगलों के लिए एचआईवी परीक्षण अनिवार्य करने की योजना बना रही है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, 'विधि विभाग द्वारा कानून को मंजूरी मिल जाने पर हम इसे आगामी मानसून सत्र में राज्य विधानसभा में पेश कर सकते हैं।' बता दें कि वर्ष 2006 में तत्कालीन कांग्रेस नीत राज्य सरकार ने भी एक ऐसा ही कानून प्रस्तावित किया था, लेकिन इसे विभिन्न तबकों की ओर से विरोध का सामना करना पड़ा था।
बता दें कि एचआईवी एक ऐसा वायरस है जो एड्स नाम की बीमारी को जन्म दे सकता है। एचआईवी शरीर के इम्यून सिस्टम पर अटैक करता है। यदि कोई व्यक्ति एचआईवी से संक्रमित हो जाता है तो उसका शरीर संक्रमणों और बीमारियों से नहीं लड़ पाता है। वजन कम होना और किसी भी बीमारी में दवा का असर न होना, गले-मुंह में लगातार छाले रहना और उल्टी व दस्त की समस्या और खुजली एचआईवी के लक्षण हैं।