भारत में हिटलर नाम इतना प्रचलित है कि उत्तर भारत में एक आईस्क्रीम ब्रांड का नाम
हिटलर रखा गया है। वहीं मुंबई के एक कैफे और अहमदाबाद में कपड़े के स्टोर का नाम भी हिटलर है। इसके अलावा अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन वेबसाइट पर तो हिटलर नाम से मग, कपड़े, लैपटॉप, मोटरसाइकिल, टी शर्ट, पोस्टर, आईफोन कवर के अलावा और भी बहुत सा सामान मिलता है।
अलीगढ़ के इश्ताक अहमद एक ताला निर्माता कंपनी 'हिटलर लॉक एंटरप्राइज' के मालिक हैं, उनका कहना है कि यह एक ऐसा नाम है जिसके लिए लोकप्रियता काम करती है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी की शुरुआत 1989 में हुई थी। उस समय वहां और भी कई ताला निर्माता थे, उनमें सबसे अलग दिखने के लिए कंपनी को एक अलग तरह के नाम की जरूरत थी। इसमें हिटलर ही एक बेहतर नाम था। उन्होंने कहा कि हिटलर के जैसा तानाशाह कोई नहीं था इसलिए इस नाम को कोई नहीं भूल सकता।
डेसी सोप्स में हिटलर
यहां प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों में पत्नियों को हिटलर जैसा कहा जाता है। ऐसा ही एक कार्यक्रम टीवी पर प्रसारित हुआ था जिसका नाम हिटलर दीदी रखा गया। इसके अलावा भारत की सबसे हिट फिल्म
शोले में तो गब्बर सिंह को हिटलर की तरह एक सख्त जेलर के तौर पर दिखाया गया था। इस तरह के प्रस्तुतीकरण से तो यही प्रतीत होता है कि भारत में सकारात्मक तौर पर हिटर को सबसे ज्यादा स्वीकार किया गया है।
खड़ूस लोगों को प्यार से कहते हैं हिटलर
बता दें कई विकसित देश जैसे फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया में हिटलर स्मृति से जुड़ी कोई भी वस्तु प्रदर्शित करना दण्डनीय अपराध है। लेकिन भारत में ऐसा नहीं है। यहां तो हिटलर को एक दिलचस्प व्यक्ति माना जाता है। यहां लोगों के खड़ूस व्यवहार करने पर उसे हिटलर कह दिया जाता है। जैसे कि यहां अगर कोई टीचर, बॉस या घर का कोई सदस्य खड़ूस हो तो उसे हिटलर कहकर संबोधित किया जाता है।