फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अन्य देशों से अलग है भारत, यहां 'हिटलर' नहीं है कोई गंदा शब्द

Sun, 29 Apr 2018 12:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

बीते महीने दिल्ली के एक पब्लिशर सुर्खियों में रहे, कारण था उनकी किताब का नाम और उसका कवर पेज। बच्चों के लिए रिलीज की गई किताब का नाम है ग्रेट लीडर्स, वहीं उसके कवर पेज पर छपी है हिटलर की फोटो। इसके बाद बीते हफ्ते बीजेपी नेता चंद्र कुमार बोस का बयान भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को नाजी नेता के खिलाफ खड़ा बताया और कहा कि नेहरू देशद्रोही थे जबकि 'हिटलर राष्ट्रवादी थे, जिन्होंने कभी अपने देश को धोखा नहीं दिया।'

विज्ञापन


वहीं दुनिया में कई देश ऐसे भी हैं जहां हिटलर को क्रूर कहकर संबोधित किया जाता है लेकिन भारत में ऐसा नहीं है। 1925 में मीन कैम्फ द्वारा लिखित हिटलर की आत्मकथा को 1928 में भारत में प्रकाशित किया गया। यह किताब यहां बेस्ट सेलर रही। भारतीय मैनेजमेंट छात्रों ने भी किताब को लीडरशिप लेसन सीखने के लिए महत्वपूर्ण बताया। 

हिटलर नाम का इस्तेमाल

भारत में हिटलर नाम इतना प्रचलित है कि उत्तर भारत में एक आईस्क्रीम ब्रांड का नाम हिटलर रखा गया है। वहीं मुंबई के एक कैफे और अहमदाबाद में कपड़े के स्टोर का नाम भी हिटलर है। इसके अलावा अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन वेबसाइट पर तो हिटलर नाम से मग, कपड़े, लैपटॉप, मोटरसाइकिल, टी शर्ट, पोस्टर, आईफोन कवर के अलावा और भी बहुत सा सामान मिलता है।

अलीगढ़ के इश्ताक अहमद एक ताला निर्माता कंपनी 'हिटलर लॉक एंटरप्राइज' के मालिक हैं, उनका कहना है कि यह एक ऐसा नाम है जिसके लिए लोकप्रियता काम करती है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी की शुरुआत 1989 में हुई थी। उस समय वहां और भी कई ताला निर्माता थे, उनमें सबसे अलग दिखने के लिए कंपनी को एक अलग तरह के नाम की जरूरत थी। इसमें हिटलर ही एक बेहतर नाम था। उन्होंने कहा कि हिटलर के जैसा तानाशाह कोई नहीं था इसलिए इस नाम को कोई नहीं भूल सकता। 
विज्ञापन

फिल्मों और डेली सोप में भी हिटलर

डेसी सोप्स में हिटलर 

यहां प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों में पत्नियों को हिटलर जैसा कहा जाता है। ऐसा ही एक कार्यक्रम टीवी पर प्रसारित हुआ था जिसका नाम हिटलर दीदी रखा गया। इसके अलावा भारत की सबसे हिट फिल्म शोले में तो गब्बर सिंह को हिटलर की तरह एक सख्त जेलर के तौर पर दिखाया गया था। इस तरह के प्रस्तुतीकरण से तो यही प्रतीत होता है कि भारत में सकारात्मक तौर पर हिटर को सबसे ज्यादा स्वीकार किया गया है। 

खड़ूस लोगों को प्यार से कहते हैं हिटलर

बता दें कई विकसित देश जैसे फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया में हिटलर स्मृति से जुड़ी कोई भी वस्तु प्रदर्शित करना दण्डनीय अपराध है। लेकिन भारत में ऐसा नहीं है। यहां तो हिटलर को एक दिलचस्प व्यक्ति माना जाता है। यहां लोगों के खड़ूस व्यवहार करने पर उसे हिटलर कह दिया जाता है। जैसे कि यहां अगर कोई टीचर, बॉस या घर का कोई सदस्य खड़ूस हो तो उसे हिटलर कहकर संबोधित किया जाता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें