हनुमान सेना के एक नेता के वाहन पर शोलावरम हाईवे पर बम से हमला किया गया था। यह घटना चेन्नई शहर से 23 किलोमीटर की दूरी पर घटी। पुलिस की छानबीन में यह पता चला है कि नेता ने अपनी पुलिस सुरक्षा वापस पाने के लिए खुद ही हमला करवाया था। बुरे आचरण की वजह से उससे यह सुरक्षा चार महीने पहले वापस ले ली गई थी।
कलि कुमार द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के अनुसार 40 साल के हिंदुत्व नेता की कार पर
देसी बम से हमला किया गया जब वह शोलावरम के मिंजूर-वंडालूर की आउटर रिंग पर यात्रा कर रहे थे। हालांकि पुलिस को कुमार और उनके साथियों के बयाने में काफी विरोधाभास मिले। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, जब हमें कहानी में काफी चीजें गड़बड़ लगीं तो हमने उनसे सवाल पूछने शुरू किए।
फोरेंसिक एक्सपर्ट ने घटनास्थल की जांच की और कई तथ्य झूठ लगे। आखिरकार उन्होंने यह बात स्वीकार कर ली कि नेता की
पुलिस सुरक्षा वापस पाने के लिए घटना को अंजाम दिया गया था। कुमार ने अपने दोस्त गणानेसेकरण और रंजीत और बड़े बेटे की मदद से कथित तौर पर अपने वाहन पर आग लगा दी थी। उसे साल 2016 से पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी।
हथियारों से लैस पुलिस वाले हमेशा उसके आस-पास रहते थे। लेकिन शराब पीने के बाद पुलिसवालों के साथ किए गए गलत व्यवहार की वजह से सुरक्षा वापस ले ली गई थी। कुमार कबाड़ का बिजनेस करते हैं और हनुमान सेना के एक नेता हैं। उनके संगठन की चेन्नई, कोयंबटूर और केरला के दो जिलो में शाखाए हैं। हनुमान सेना उस समय सुर्खियो में आई थी जब उसने केरला में किस ऑफ लव कार्यक्रम का आयोजन करने वाले युवाओं पर हमला किया था।
कुमार इससे पहले हिंदू मक्कल कच्छी के नेता रहे हैं जोकि हिंदू जनजागृति समिति का संगठन है। कुमार, गुणासेकरण और रंजीत के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 436 और 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को कोर्ट से उन्हें न्यायिक हिरासत मिल गई है।