एडीएम सिटी को हिन्दुओं ने सौंपा मकान बेचने का शपथपत्र
- फोटो : ब्यूरो/ अलीगढ़
यूपी के अलीगढ़ शहर के घने मिश्रित इलाके में बसी बाबरी मंडी और मीठा कुंआ मोहल्ले में चारों तरफ से घिरे हिंदुओं के 70 परिवारों ने पलायन का ऐलान कर सनसनी मचा दी है। यहां के एक दर्जन परिवारों के मुखिया भाजपा नेताओं के साथ शुक्रवार दोपहर कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम सिटी अवधेश तिवारी को अपने मकान बेचने के शपथ पत्र सौंपे। इनमें कपिल गुप्ता, रतन वार्ष्णेय, अंकुर वार्ष्णेय, मुकेश अग्रवाल, योगेश वार्ष्णेय, पंकज वार्ष्णेय, सोनू, गिरीश चंद्र, अन्नू अग्रवाल, अमित वार्ष्णेय, महेश चंद्र, मुकेश शामिल हैं।
इन सभी ने कहा है कि वह अब वहां पर सुरक्षित नहीं है इसलिए रहना मुमकिन नहीं है। वर्तमान सर्किल रेट से उनके मकान बेचने में जिला प्रशासन उनकी मदद करे, ताकि वह किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर मकान लेकर रह सकें। अचानक हुए इस घटनाक्रम से जिला प्रशासन का ब्लड प्रेशर हाई हो गया और आननफानन में सबको मनाने का प्रयास तेजी से हुआ। दोपहर बाद सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा और सीओ प्रथम राज कुमार पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचे और लोगों को मनाने का प्रयास किया।
वहां चिन्हित स्थान अग्रवाल धर्मशाला पर निर्माणाधीन पुलिस चौकी को चालू कराने की बात हुई जिसका शिलान्यास एसपी सिटी अंशुल गुप्ता ने 30 मार्च 2016 को किया है। शाम को भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद इक्का-दुक्का दुकानें खोल दी गईं, लेकिन अधिकांश दुकानें बंद थी। पुलिस फोर्स की गश्त बढ़ा दी गई है, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी है।
पलायन का सबसे बड़ा कारण
पलायन करने जा रहे लोगों को समझाते सिटी मजिस्ट्रेट
- फोटो : ब्यूरो/ अलीगढ़
गौर हो कि गुरुवार रात हिंदू दंपति से छेड़छाड़ के बाद बाबरी मंडी में पथराव और फायरिंग हुई थी। मायके से वापस ससुराल जा रही नवविवाहिता से छेड़छाड़़ करने के बाद शोहदों ने उसको गली में खींचने का प्रयास किया था।
इस मामले में शुक्रवार सुबह तक सासनीगेट थाने में प्रदर्शन हुआ था जिसके बाद पुलिस ने शुक्रवार की रात को इस घटना के मुख्य आरोपी नदीम पुत्र मुन्ना निवासी नूनेर गेट को गिरफ्तार कर लिया था, तीन अन्य फरार थे। शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने अपने मकान और दुकानें बेचने के पोस्टर लगा कर पलायन करने की बात कही थी जिसको पुलिस ने हटवा दिया था।
इधर, इस प्रकरण में आरोपियों की धरपकड़ करने गई पुलिस के खिलाफ लामबंद दूसरे समुदाय की महिलाएं ऊपरकोट कोतवाली पहुंची और उन्होंने वहां पर एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया। कपिल गुप्ता, रतन वार्ष्णेय, अंकुर वार्ष्णेय, मुकेश अग्रवाल, योगेश वार्ष्णेय, पंकज वार्ष्णेय, सोनू, गिरीश चंद्र, अन्नू अग्रवाल, अमित वार्ष्णेय, महेश चंद्र, मुकेश ने अपने मकान बेचने का शपथ पत्र दिया है।
बाबरी मंडी और मीठा कुंआ मोहल्ला चारों तरफ से मुसलिम मोहल्ले से घिरा हुआ है। जिसमें एक तरफ नूनेर गेट भुजपुरा दूसरी ओर कुतुब की सराय तीसरी तरफ ऊपरकोट घास की मंडी और चौथी तरफ से जयगंज का पठानान मोहल्ला है। हिंदओं को बाबरी मंडी और मीठा कुआं में अपने घर तक पहुंचने में इन्हीं चार रास्तों से गुजरना होता है। जिसमें आए दिन छेड़छाड़, गालीगलौज और मारपीट की घटनाएं होती हैं। यहां पुलिस की मौजूदगी नहीं होने से समस्या और बढ़ गई है।