दिल्ली-मथुरा रेल ट्रैक पर अब टेल्गो के ब्रेक की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। पहले बिना वजन और बाद में वजन के साथ 180 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से सफल ट्रायल के बाद अब रेलवे इसी स्पीड पर तत्काल ब्रेक लगाने से होने वाले प्रभाव का भी परीक्षण करेगा। रेलवे में ट्रेन का 190 किमी प्रति घंटा की स्पीड पर ट्रायल की भी चर्चा है। शुक्रवार को टेल्गो को मेंटिनेंस के लिए आगरा भेजा गया।
देश में हाईस्पीड ट्रेन का खिताब हासिल कर चुकी स्पेनिश टेल्गो कोच वाली ट्रेन ने मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से पलवल रेलवे स्टेशन के बीच गुरुवार को 180 किमी प्रति घंटा की स्पीड से दौड़कर इतिहास रच दिया है। ट्रायल के दौरान ट्रेन में करीब 200 क्विंटल वजन रखा हुआ था।
यह वजन यात्रियों के बराबर वजन मानकर ट्रेन में रखा गया। ट्रेन में करीब रेत से भरे 400 बोरे रखे गए। इनमें से प्रत्येक में करीब 50 किग्रा रेत भरी हुई थी। इससे पहले टेल्गो बिना वजन के भी 180 किमी प्रति घंटा की स्पीड से अपना ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है।