राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरआरएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने मौजूदा राजनीतिक बहस के विषय हिंदुत्व के बारे में बात करते हुए कहा कि जब कोई यह बोलता है कि वह हिंदू है तो इसका मतलब उसके धर्म या फिर रहने के तरीके से नहीं है। बल्कि इसका साफ तौर मतलब है कि आपके सामने वाला व्यक्ति जैसा है हम उसको वैसे ही स्वीकार करते हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हिंदू का मतलब क्या पहनना और क्या खाना नहीं है। साथ ही हिंदुत्व का मतलब किसी पर कुछ जबर्दस्ती थोपना भी नहीं है। यह बातें उन्होंने 50 से ज्यादा विदेशी राजनयिकों के साथ एक संवाद कार्यक्रम के दौरान कही।
उन्होंने आगे कहा कि उनका संगठन इंटरनेट पर ट्रोलिंग और आक्रामक व्यवहार का समर्थन नहीं करता। यह ‘स्तर से नीचे जाकर हमला’ करने जैसा है। इस अवसर पर मौजूद प्रसार भारती के चेयरमैन ए सूर्यप्रकाश द्वारा किए गए ट्वीट्स के मुताबिक भागवत ने कहा, ‘ट्रोलिंग करना स्तरहीन है। हम इंटरनेट पर ट्रोलिंग और आक्रामक व्यवहार का समर्थन नहीं करते।’ इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में भागवत ने राजनयिकों को संबोधित करने के साथ-साथ कई सवालों के जवाब भी दिए।
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उन्होंने यह भी कहा कि संघ किसी के साथ भेदभाव में विश्वास नहीं रखता। सूर्यप्रकाश द्वारा भागवत के हवाले से किए गए एक अन्य ट्वीट के मुताबिक, भेदभाव से मुक्त और एक देश व एक विश्व ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने राजनयिकों को बताया कि संघ स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 1.70 लाख सेवा कार्यों का संचालन करता है। भागवत ने राजनयिकों को सेवा कार्यों के बारे में जानकारी के लिए संबंधित जगहों का दौरा करने का भी न्योता दिया।
संघ भाजपा और भाजपा संघ को नहीं चलाती
भाजपा से संबंधों को लेकर भागवत ने दोहराया कि संघ पार्टी के मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करता। उधर, भाजपा के महासचिव राम माधव ने भागवत के हवाले से ट्वीट करते हुए कहा, संघ भाजपा को नहीं चलाता। भाजपा संघ को नहीं चलाती। स्वयंसेवकों के तौर पर हम बातचीत करते हैं, सलाह करते हैं, लेकिन स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। वह पूर्व में संघ के मीडिया एवं जनसंपर्क विभाग के प्रमुख रहे हैं और इंडिया फाउंडेशन के निदेशक हैं।