गुजरात शिक्षा बोर्ड एक बार विवादों में है। इस बार मामला 'रोजा' को संक्रामक रोग बताने का है। दरअसल, गुजरात स्टेट स्कूल टेक्स्टबुक बोर्ड की ओर से छापी गई चौथी क्लास की हिंदी की किताब में रोजा को एक संक्रामक रोग बताया गया है। जिससे कि उलटी और दस्त होते हैं।
बता दें कि 'रोजा' रमजान के पवित्र महीने में रखा जाता है। यह हिंदुओं के व्रत की तरह ही मुस्लिमों के लिए पवित्र है। यह गलती मुंशी प्रेमचंद की कहानी ईदगाह में की गई है। इसमें 'रोजा' का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि यह एक घातक और संक्रामक रोग है, जिसमें उलटी और दस्त आते हैं।