पीएम मोदी ने पहना अरनाई स्कार्फ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नीदरलैंड में एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक बोडो स्कार्फ 'अरनाई' पहनने को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इसे बोडो समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि पीएम मोदी का यह कदम न केवल बोडो समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि इससे भारतीय हस्तशिल्प और परंपरागत वस्त्र संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है।
'अरनाई' बोडो संस्कृति की पहचान
हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 'अरनाई' बोडो समुदाय की परंपरा, सम्मान और हस्तशिल्प कौशल का प्रतीक है। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसे वैश्विक मंच पर धारण करना बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह क्षण भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
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नीदरलैंड में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते दिखे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के हेग में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए ‘अरनाई’ को अपने गले में धारण किया था। यह कार्यक्रम उनकी चार देशों की यूरोप यात्रा का हिस्सा था। इस दौरान भारतीय संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने पर विशेष जोर दिया गया।
बोडोलैंड में शांति का नया दौर
मुख्यमंत्री सरमा ने प्रधानमंत्री को बोडोलैंड क्षेत्र में शांति और विकास लाने के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होंने 2020 के बोडो शांति समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इस समझौते ने क्षेत्र में दशकों से चली आ रही उग्रवाद की समस्या को काफी हद तक समाप्त किया है। इस समझौते के बाद बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन को अधिक अधिकार और विकास की दिशा में नई गति मिली है।
इसके साथ ही पीएम मोदी को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने एम्स्टर्डम स्थित शिफोल एयरपोर्ट पर विदाई दी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी अब स्वीडन के लिए रवाना होंगे, जहां वे 17 से 18 मई तक गोथेनबर्ग का दौरा करेंगे। यह यात्रा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के आमंत्रण पर हो रही है।