कांग्रेस ने रविवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा। पार्टी ने सांसद गौरव गोगोई के कथित 'पाकिस्तान कनेक्शन' के आरोपों को बेबुनियाद बताया। कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री का मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ प्रतीत होता है।
विपक्षी पार्टी के कई राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेताओं ने गौरव गोगोई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरमा ने मुख्यमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। नेताओं ने दावा किया कि किसी भी तरह के सबूत न होने के कारण पुलिस असम कांग्रेस प्रमुख के खिलाफ प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कर पाई।
मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंसमें क्या कहा?
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच 'गहरे संबंध' हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खुफिया ब्यूरो की जानकारी पड़ोसी देश को दी गई।
अपने राजनीतिक मार्गदर्श के परिवार को बदनाम कर रहे सीएम: जितेंद्र सिंह
कांग्रेस के महासचिव (असम प्रभारी) जितेंद्र सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन किसी सम्मानित परिवार पर व्यक्तिगत स्तर पर आरोप लगाना बेहद निंदनीय है। जितेंद्र सिंह ने कहा कि असम का हर व्यक्ति जानता है कि पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का योगदान क्या रहा है। उन्होंने कहा कि तरुण गोगोई ने हिमंत सरमा के राजनीतिक करियर में बड़ी भूमिका निभाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के लिए मुख्यमंत्री ने तरुण गोगोई से विश्वासघात किया गया। अब वह पिछले एक साल से गोगोई परिवार पर लगातार आरोप लगा रहे हैं। गोगोई परिवार ने हिमंत को सम्मान दिया, विधायक बनाया और मंत्री भी बनाया। लेकिन आज वह अपने ही राजनीतिक मार्गदर्शक के परिवार के खिलाफ बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस नेता ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित होने के बावजूद राज्य सरकार प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये असम की जनता को गुमराह कर रही है।
फरवरी 2025 में किया गया था एसआईटी का गठन
असम पुलिस ने 17 फरवरी 2025 को पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के खिलाफ एक मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। यह मामला असम और भारत के आंतरिक मामलों पर उसकी सोशल मीडिया टिप्पणियों से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस फ्लॉप शो: देवव्रत सैकिया
असम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवव्रत सैकिया ने एसआईटी रिपोर्ट और मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस को 'फ्लॉप शो' बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने ही पद की गरिमा गिरा दी है।
पूर्व राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने क्या कहा?
- पूर्व राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने भी मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस को 'सुपर फ्लॉप' करार दिया और कहा कि एसआईटी को लेकर उनकी पहले की बात सही साबित हुई है।
- रिपुन बोरा ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि एसआईटी को इस तरह के मामलों की जांच का अधिकार नहीं है। अब मुख्यमंत्री खुद मान रहे हैं कि एसआईटी सीमाओं के कारण कथित पाकिस्तान कनेक्शन के केवल 20 फीसदी हिस्से की ही जांच कर सकी।
- उन्होंने कहा कि अपनी अक्षमता स्वीकार कर मुख्यमंत्री ने अब मामला केंद्र सरकार पर डाल दिया है।
- उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा था, तो रिपोर्ट मिलने के बाद छह महीने तक मुख्यमंत्री चुप क्यों रहे? अगर गौरव गोगोई 2013 में पाकिस्तान गए थे और मामला इतना गंभीर था, तो 2014 के बाद न तो मोदी सरकार और न ही जांच एजेंसियों ने कोई कार्रवाई क्यों की? क्या यह बात समझने में 12 साल लग गए?
- उन्होंने कहा कि बिना ठोस निष्कर्ष के किसी को 'पाकिस्तानी एजेंट' नहीं कहा जा सकता। तंज कसते हुए रिपुन बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गौगोई के खिलाफ 'परमाणु बम' फोड़ने की कल्पना की थी, लेकिन नतीजा 'चॉकलेट बम' भी नहीं निकला।
- उन्होंने कहा कि एसआईटी होने के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही आरोपपत्र दाखिल किया गया, क्योंकि कोई सबूत था ही नहीं। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे पर अलग से प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी।