राहुल गांधी के ट्वीट पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या उन्होंने पता है कि वे विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने कहा कि चर्चा करने के लिए बुहत से मुद्दे हैं। आप बहस की शुरुआत करें, प्रधानमंत्री उसका जवाब देंगे।
हिमंत बिस्वा सरमा ने क्या कहा?
हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर वीडियो साझा कर लिखा, 'राहुल जी, कल आपने एक वीडियो पोस्ट किया। आपने हाथ में गुलाब का फूल लिया हुआ था और प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं दे रहे थे। राहुल जी, गुलाब तो वैलेंटाइन डे पर दिए जाते हैं, दिवाली पर नहीं। मुझे एक बात बताइए। क्या आपको पता भी है कि आप विपक्ष के नेता हैं? अगर आप विपक्ष के नेता हैं और अगर आप सच में खुद को ऐसा मानते हैं तो प्रधानमंत्री के साथ यह बहस कहां होनी चाहिए? सड़कों पर? किसी गली-कूचे में? या फिर संसद में? संसद में स्पीकर हैं, आपकी मां हैं, आपकी बहन हैं, तो फिर संसद में ही यह बहस आसानी से हो सकती है।
'आप बहस की शुरुआत करें, पीएम देंगे जवाब'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'चर्चा करने के लिए बहुत सारे मुद्दे हैं। बोफोर्स से लेकर भोपाल गैस त्रासदी तक। इस बार, कृपया ध्यान रखें कि संसद में कोई हंगामा न हो। आप बहस की शुरुआत करें, प्रधानमंत्री उसका जवाब देंगे, और इन सभी मुद्दों पर बात हो सकती है। आप लोगों को सड़कों पर क्यों उतारना चाहते हैं? यह बांग्लादेश नहीं है, न ही नेपाल है। राहुल जी, लोगों को बेवकूफ मत समझिए। मेरी आपसे एक गुजारिश है: आप हमेशा 'एंग्री यंग मैन' (नाराज युवा) का रोल नहीं निभा सकते। अगर आप सच में एक अच्छे राजनेता बनना चाहते हैं। और मैं यह सलाह आपको मुफ्त में दे रहा हूं, तो कृपया इस बार संसद में एक सही और शांतिपूर्ण बहस करें।'
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा 'किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।' राहुल ने वित्तीय व्यवस्था, अमेरिका के साथ समझौते, अदाणी मामले पर चर्चा की मांग की। आगे कहा कि देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत। उन्होंने मोहन भागवत को निर्णायक बनाने का विकल्प भी दिया।