मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (फाइल फोटो)
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राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं के जाने से इनकार के बाद पार्टी आलोचकों के निशाने पर है। अब असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर इसे लेकर तगड़ा निशाना साधा है। असम सीएम ने कहा कि 'वे बाबर से प्यार करते हैं ना कि भगवान राम से। ऐसे में उन्हें निमंत्रण देने का फैसला ही गलत था। जिनकी भगवान राम में आस्था है, उन्हें ही कार्यक्रम के लिए निमंत्रण दिया जाना चाहिए। भगवान राम और बाबर में गांधी परिवार पहले बाबर को ही प्रणाम करेगा।'
कांग्रेस नेताओं ने राम मंदिर कार्यक्रम में शामिल होने से कर दिया था इनकार
बीते दिनों कांग्रेस ने आधिकारिक बयान जारी अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं शामिल होने की जानकारी दी थी। राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी को निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाकर कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया।
केजरीवाल को ईडी के समन पर ये बोले
हिमंता बिस्व सरमा से जब ईडी द्वारा दिल्ली सीएम केजरीवाल को चौथी बार समन भेजने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 'अगर आपको चौथी बार समन भेजा जा रहा है और आप नहीं जा रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप अल्पकालिक तौर पर नहीं बल्कि स्थायी तौर पर जाना चाहते हैं।' ईडी ने दिल्ली शराब घोटाले में पूछताछ के लिए दिल्ली सीएम को यह समन भेजा है। इससे पहले ईडी केजरीवाल को 2 नवंबर, 21 दिसंबर और 3 जनवरी को भी समन भेज चुकी है, लेकिन किसी ना किसी कारण से केजरीवाल अभी तक ईडी के सामने पेश नहीं हुए हैं। आप का आरोप है कि ईडी केजरीवाल को समन के बहाने बुलाकर गिरफ्तार करना चाहती है। आप ने ईडी से अपने सवाल लिखकर देने की मांग की है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि 'असम में उनकी भारत जोड़ो न्याय यात्रा को दो जगह रात्रि विश्राम की इजाजत नहीं दी गई। कांग्रेस के इस आरोप पर हिमंता बिस्व सरमा ने कहा हमने सभी जरूरी इजाजत दी है। इसमें कोई समस्या नहीं है। हमें विपक्षी गठबंधन की बैठक से कोई समस्या नहीं है। वह सीटों का बंटवारा करते हैं या नहीं, यह उन पर है। हम चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।'