प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में कई बार ‘चुनावी रेवड़ियों’ को लोकतंत्र के लिए खराब बता चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस पर एक मामला भी विचाराधीन है और चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों से इस पर उनकी राय जानने की पहल कर चुका है। चुनाव आयोग में राजनीतिक दलों के द्वारा दिए गए सुझावों को देखकर इन चुनावी रेवड़ियों पर कोई रोक लगने की संभावना भी फिलहाल दिखाई नहीं दे रही है। इसी माहौल में हो रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने खूब बढ़-चढ़कर चुनावी वादे किये हैं। चुनावी रेवड़ियों की टक्कर में जनता किसके दावे पर भरोसा करती है, यह आठ दिसंबर को ही पता चलेगा जब चुनाव परिणाम आएंगे।
कांग्रेस का प्रतिज्ञा पत्र में एक लाख नौकरियों का वादा
कांग्रेस के हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को पार्टी की ओर से हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी किया। पार्टी ने इसे प्रतिज्ञा पत्र का नाम दिया है। प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और घोषणा पत्र कमेटी के अध्यक्ष धनीराम शाण्डिल ने प्रतिज्ञा पत्र जारी करते हुए 10 गारंटी देने का दावा किया। प्रतिज्ञा पत्र के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं-
आम आदमी पार्टी के हिमाचल प्रदेश में किए गए प्रमुख वादे-
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने भी हिमाचल प्रदेश चुनाव को जीतने के लिए कई महत्त्वपूर्ण वायदे किये हैं। मुफ्त बिजली-पानी और शिक्षा-स्वास्थ्य के दिल्ली मॉडल की तर्ज पर पार्टी ने इस राज्य के मतदाताओं को भी लुभाने की कोशिश की है। पार्टी के प्रमुख वायदे इस प्रकार हैं-