हिमाचल प्रदेश को लेकर अलग-अलग एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी कर दिया है। सूबे में 12 नवंबर को मतदान हुआ था। चुनाव आयोग के मुताबिक, कुल 74.05 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। आमतौर पर यहां दो पार्टियों के बीच ही यहां लड़ाई होती है, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी की एंट्री ने मुकाबले को रोचक बना दिया। हालांकि, जो एग्जिट पोल के नतीजे आ रहे हैं उससे यही मालूम चल रहा है कि इस बार भी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही हुआ है।
इस बार के तमाम एग्जिट पोल ने भी अनुमान लगाया है कि भाजपा फिर से सत्ता में आ रही है। मतलब हर पांच साल में सरकार बदलने का ट्रेंड बदल जाएगा। हालांकि, आजतक एक्सिस मायइंडिया ने अलग ही दावा किया है। इनके सर्वे के अनुसार, हिमाचल में भाजपा सत्ता से बाहर जा रही है और कांग्रेस की वापसी हो रही है।
आइए जानते हैं कि 2017 के एग्जिट पोल में क्या हुआ था? तब किस एजेंसी ने किस पार्टी को कितनी सीटें दी थीं? नतीजे क्या निकले थे? इस बार क्या होगा?
विज्ञापन
इस बार के एग्जिट पोल में क्या हुआ?
हिमाचल प्रदेश में 68 विधानसभा सीटें हैं। यहां बहुमत का आंकड़ा 35 है।
एजेंसी
भाजपा
कांग्रेस
आप
अन्य
रिपब्लिक पी-मारक्यू
34-39
28-33
0-1
1-4
टाइम्स नाऊ ईटीजी
38
28
0
2
इंडिया टीवी
35-40
26-31
0-0
0-3
इंडिया न्यूज- जन की बात
32-40
34-27
0-0
2-1
जी न्यूज-बार्क
35-40
20-25
0-3
1-5
आजतक एक्सिस माय इंडिया
24-34
30-40
0-0
0-0
टीवी9 ऑन द स्पॉट
33
31
0
4
न्यूज 24-टुडेज चाणक्या
33
33
0
2
एबीपी सी-वोटर
33-41
24-32
0-0
0-4
विज्ञापन
2017 के एग्जिट पोल क्या कहते हैं?
पांच पहले यानी 2017 में हिमाचल प्रदेश को लेकर तमाम एजेंसियों ने दावा किया था कि भाजपा की सरकार बनेगी। हालांकि, सीटों को लेकर सबका अनुमान अलग-अलग था। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत की भविष्यवाणी की गई थी। पोल के अनुसार बीजेपी को 47-55, कांग्रेस को 13-20 और अन्य को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था।
न्यूज 24-टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल में भी बीजेपी की जीत का अनुमान लगाया गया था। इस एग्जिट पोल के अनुसार बीजेपी को 55 सीटें मिलने वाली थीं, जबकि कांग्रेस के खाते में 13 सीटें दिखाई गई थी। एबीपी-सीएसडीएस के एग्जिट पोल में भाजपा के लिए 38, कांग्रेस के लिए 29 सीटों का अनुमान लगाया गया था। अन्य को एक सीट मिलने का दावा था।
नतीजे क्या निकले थे?
2017 में हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने 44 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस के खाते में 21 सीटें गईं थीं। तीन सीट अन्य के खाते में गई थी। 2012 के मुकाबले भाजपा को 18 सीटों का फायदा हुआ था, जबकि कांग्रेस को 15 सीटों का नुकसान। मतलब एग्जिट पोल का ओवरऑल परिणाम तो सही निकला, लेकिन सीटों के गणित में काफी अंतर दिखा।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय कुमार सिंह कहते हैं, 'एग्जिट पोल एकदम सटीक नहीं होते हैं। पोल के नतीजों और असली नतीजों में अंतर हो सकता है। कई बार पोल बिल्कुल गलत साबित होते हैं तो कई बार नतीजे आस-पास ही आते हैं। ऐसा तब होता है जब ज्यादा सैंपल लिए जाते हैं। ज्यादा सैंपल लिए जाने पर पोल के सही होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में सर्वे की टीम नहीं पहुंच पाती है। इसके चलते इन पोल्स पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है।