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बदले की भावना के बजाय हिमाचल का विकास कर देव भूमि का गौरव बहाल करूंगा- धूमल

Sun, 05 Nov 2017 03:18 PM IST
संजय मिश्र/ हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश से
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प्रेम कुमार धूमल - फोटो : SELF
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हिमाचल चुनाव का प्रचार अंतिम दौर में पहुंच गया है। चुनाव प्रचार के इस अंतिम दौर से ऐन पहले भाजपा ने प्रेम कुमार धूमल को भावी मुख्यमंत्री के रूप में पेश कर कांग्रेस की बची हुईं उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। वैसे देव भूमि की जनता हर पांच वर्ष के बाद सत्ता का बदलाव करती है। जनता के बीच इस दफे भी यही परंपरा नजर आ रही है।
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  9 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश की जनता बदलाव के लिए वोट करने के मूड में है। इसे देख तय माना जा रहा है कि धूमल प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। चुनाव की गहमागहमी के बीच अमर उजाला के विशेष संवाददाता ने धूमल के सीएम उम्मीदवार बनने के बाद उनसे उनकी प्राथमिकताओं और सूबे के चुनावी परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। पेश है धूमल से हुई बातचीत के प्रमुख अंश:- 
सवाल- धूमल जी भाजपा ने वर्तमान सीएम वीरभद्र सिंह और उनकी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत तमाम मामले उठाये हैं। क्या सत्ता आने के बाद उनके खिलाफ कर्रवाई होगी। सरकार में आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
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जवाब- देखिए, यदि हमारी सरकार बनी तो हम बदले की भावना से काम नहीं करेंगे। हम अपना समय प्रदेश के विकास में लगाएंगे। सूबे में लोकतंत्र और समाजिक मूल्यों की बहाली पर  हमारा फोकस होगा। हिमाचल का विकास कर देवभूमि के पुराने गौरव को प्राप्त कराना हमारा मकसद है।

प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज स्थापित कर जनता को माफिया राज से मुक्त कराएंगे। प्रदेश की वर्तमान सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और जंगलराज के जो तमाम मामले हम जनता के सामने चुनाव में रख रहे हैं उनपर पहले से ही कानूनी कार्रवाही चल रही है। इन मामलों में कानून अपना कार्य करेगा।

सवाल- अगर आप तीसरी बार हिमाचल के सीएम बने तो जनता के लिए क्या-क्या करेंगे, किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देंगे? 

जवाब- मेरा मानना है कि लोंगो की सुरक्षा और सम्मान किसी भी सरकार का दायित्व होता है। और इसपर ही सरकार की विश्वसनीयता टिकी होती है। लेकिन पिछले पांच सालों में हिमाचल प्रदेश में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की हालत इतनी बदतर हो गई है कि प्रदेश की जनता का सरकार और पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ गया है।

शासन और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास कायम हो यही मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी। कांग्रेस के कुशासन की वजह से प्रदेश में माफियाराज कायम हुआ है।  देवभूमि ड्रग और अपराध भूमि में तब्दील हो गई है। प्रदेश के लोग महसूस कर रहे है कि उनपर  कोई सरकार नहीं बल्कि माफिया राज कर रहे हैं। सरकार के संरक्षण में वन माफिया, शराब माफिया और टेंडर माफिया प्रदेेश के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं।

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यहां तक कि प्रदेश में सरकारी नौकरी वालों का तबादला रुकवाने और करवाने के नाम पर कमाई करने वालों का एक नया गिरोह तबादला माफिया कांग्रेस राज्य में पैदा हुआ है। और टेंडर तो उन्हीं लोगों को दिया जाता है जो शासन के करीब होते हैं। हमारा प्रयास इन सब माफियाओं को खत्म कर सुशासन बहाल करने का रहेगा। 
 

गुड़िया के मामले में तो सरकार ने संवेदनहीनता की सारी मर्यादा तोड़ दी है

prem kumar dhumal
सवाल- कैसे मानते हैं कि राज्य की कानून व्यवस्था बिगड़ी है, आरोप राजनीतिक तो नहीं?

जवाब- आरोप राजनीतिक नहीं हैं। बल्कि विभिन्न जांच एजेंसियों ने सरकार के खिलाफ आरोप तय किया है। राज्य गठन के बाद हिमाचल के इतिहास में पहली बार हुआ है कि उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है। फॉरेस्ट गार्ड होशयार सिंह और गुड़िया कांड दोनों ही मामलों में न्यायालय ने हस्तक्षेप कर मामलों में सीबीआई जांच के आदेश दिए।

गुड़िया के मामले में तो सरकार ने संवेदनहीनता की सारी मर्यादा तोड़ दी है। मुख्यमंत्री का ऐसा कहना कि बलात्कार तो होते रहते हैं दर्शाता है कि वे कितने मर्यादा हीन हो गये हैं। यह पहला राज्य है कि किसी राज्य के आईजी, डीएसपी, इंस्पेक्टर, सब इंसपेक्टर, कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल स्तर के आठ अधिकारी हिरासत में हैं। उन्हें जमानत नहीं मिल रही है। ये ऐसे मुद्दे है जोकि सरकार का चरित्र दर्शाते हैं।
इस प्रकार की घटनाओं के बाद प्रदेश के लोग असुरक्षित महसुस कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि पुलिस गलत लोंगो का साथ दे रही है। लोग छोटी-छोटी घटनाओं के लिए सीबीआई जांच की मांग करने लग रहे हैं। यह बताता है कि राज्य के लोगों का पुलिस और सरकार से भरोसा उठ गया है। यदि हमारी सरकार बनती है तो हम सरकार के प्रति लोगों में विश्वास बहाल करेंगे। ईमानदार और क्षमतावान पुलिस अधिकारियों की सही जगह तैनाती करेंगे।ताकि अपराधी तत्व असुरक्षित महसूस करें।

सवाल- हिमाचल के युवा भी पंजाब की तरह ड्रग की जद में जकड़ते जा रहे हैं। ड्रग के लत वाले युवाओं की संख्या राज्य में लगातार बढ़ रही है। इसपर कैसे लगाम कसेंगे। ऊपर से बेरोज़गारी की समस्या भी विकराल रूप ले रही है? 

जवाब- ये बड़े ही चिंता की बात है कि युवाओं के बीच ड्रग का चलन बढ़ रहा है। हमने सूबे में एन्टी ड्रग स्क्वाड बनाने का ऐलान किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास में 24×7 कार्य करने वाले कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी। ड्रग उत्पादित करने वाले पौधों का खात्मा करेंगे।

इसके अलावा राज्य के पहले सैन्य अधिकारी मेजर सोमनाथ के नाम पर एक वाहिनी का गठन होगा। यह वाहिनी असमाजिक तत्वों पर नजर रखेगी और पुलिस के साथ मिलकर काम करेगी। इसमें पूर्व सैनिकों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा युवाओं के स्किल का विकास कर उन्हें काम से जोड़ा जाएगा।
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राज्य के संसाधनों का उचित और सही दिशा में इस्तेमाल कर विकास संभव है

प्रेम कुमार धूमल - फोटो : SELF
सवाल- धूमल जी रोजगार की बात हो या विकास की सबके लिए धन की जरूरत होती है। धन कहां से आएगा। वशेष राज्य के दर्जे की मांग करेंगे?

जवाब- देखिए, राज्य के संसाधनों का उचित और सही दिशा में इस्तेमाल कर विकास संभव है। यदि विकास की नीयत हो तो धन का अभाव आड़े नहीं आता है। पहले भी हमने करके दिखाया है। ऐसा यूँ ही नहीं कह रहा हूँ। वर्ष 2007 से 2012 के बीच विकास के विभिन्न मामलों में हिमाचल को 85 अवार्ड मिले थे। राज्य को बेस्ट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। लेकिन बीते पांच वर्ष में राज्य को महज 5 अवार्ड भी नसीब नहीं हुए हैं।

मैं मानता हूं कि वर्तमान में सरकार पर बेशक 50 हजार करोड़ का ऋण है। बावजूद उसके सरकार अपने पैरों पर खड़ा होने का भरसक प्रयास करेगी। हम कोई पैकेज नहीं मांगेंगे। मैं समझता हूं कि पैकेज का दौर अब समाप्त हो गया है। केंद्र में मोदी जी की सरकार और प्रदेश की भाजपा सरकार डबल इंजन के रूप में सूबे के भरपूर विकास होगा।

 विकास के लिए धन का अभाव नहीं है। राज्य को पहले केंद्र से महज 44 हजार करोड़ मिल रहा था मगर मोदी जी की सरकार बनने के  बाद 14वें वित्त के लागू होने से राज्य को  1 लाख 15 हजार करोड़ मिलने लगे हैं। केंद्रीय करों में भी राज्य की हिस्सेदारी 32 से बढ़कर 42 प्रतिशत पहुंच गई है। रही बात राज्य के विशेष दर्जे की तो हिमाचल को विशेष राज्य का दर्जा मिला था। मगर यूपीए की सरकार ने उसे हटा दिया।
सेंट्रल टैक्स में राज्य का शेयर 32 से 42 पहुंच गया है। राज्य को अगर विशेष दर्जा मिलेगा तो फायदा होगा। इसमें उद्योग को तमाम सुविधाओं के अलावा उद्योग के लिए
मिलने वाले ऋण में 90 प्रतिशत ग्रांट और 10 प्रतिशत लोन होता है। 

सवाल- ऐन चुनाव के बीच आपको मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया गया है, इसके पीछे की गुत्थी को हर कोई समझना चाहता है। क्यों और कैसे हुई सीएम प्रत्याशी के रूप में आपकी घोषणा?

जवाब- वैसे तो यह पीएम मोदी, भाजपा अध्य्क्ष अमित शाह और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं का फैसला है। मेरा मानना है कि छोटे राज्यों में लोग यह जानना चाहते हैं कि चुनाव बाद वो किससे सम्पर्क साधेंगे। यहां प्रदेश के लोग चाहते हैं कि मुख्यमंत्री के साथ उसके सीधे संपर्क हों। इसलिये वो चेहरा चाहते थे। वैसे भी हिमाचल में चेहरा आगे कर चुनाव लड़ने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
 
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