हिमाचल चुनाव का प्रचार अंतिम दौर में पहुंच गया है। चुनाव प्रचार के इस अंतिम दौर से ऐन पहले भाजपा ने प्रेम कुमार धूमल को भावी मुख्यमंत्री के रूप में पेश कर कांग्रेस की बची हुईं उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। वैसे देव भूमि की जनता हर पांच वर्ष के बाद सत्ता का बदलाव करती है। जनता के बीच इस दफे भी यही परंपरा नजर आ रही है।
9 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश की जनता बदलाव के लिए वोट करने के मूड में है। इसे देख तय माना जा रहा है कि धूमल प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। चुनाव की गहमागहमी के बीच अमर उजाला के विशेष संवाददाता ने धूमल के सीएम उम्मीदवार बनने के बाद उनसे उनकी प्राथमिकताओं और सूबे के चुनावी परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। पेश है धूमल से हुई बातचीत के प्रमुख अंश:-
सवाल- धूमल जी भाजपा ने वर्तमान सीएम वीरभद्र सिंह और उनकी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत तमाम मामले उठाये हैं। क्या सत्ता आने के बाद उनके खिलाफ कर्रवाई होगी। सरकार में आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
जवाब- देखिए, यदि हमारी सरकार बनी तो हम बदले की भावना से काम नहीं करेंगे। हम अपना समय प्रदेश के विकास में लगाएंगे। सूबे में लोकतंत्र और समाजिक मूल्यों की बहाली पर हमारा फोकस होगा। हिमाचल का विकास कर देवभूमि के पुराने गौरव को प्राप्त कराना हमारा मकसद है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज स्थापित कर जनता को माफिया राज से मुक्त कराएंगे। प्रदेश की वर्तमान सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और जंगलराज के जो तमाम मामले हम जनता के सामने चुनाव में रख रहे हैं उनपर पहले से ही कानूनी कार्रवाही चल रही है। इन मामलों में कानून अपना कार्य करेगा।
सवाल- अगर आप तीसरी बार हिमाचल के सीएम बने तो जनता के लिए क्या-क्या करेंगे, किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देंगे?
जवाब- मेरा मानना है कि लोंगो की सुरक्षा और सम्मान किसी भी सरकार का दायित्व होता है। और इसपर ही सरकार की विश्वसनीयता टिकी होती है। लेकिन पिछले पांच सालों में हिमाचल प्रदेश में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की हालत इतनी बदतर हो गई है कि प्रदेश की जनता का सरकार और पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ गया है।
शासन और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास कायम हो यही मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी। कांग्रेस के कुशासन की वजह से प्रदेश में माफियाराज कायम हुआ है। देवभूमि ड्रग और अपराध भूमि में तब्दील हो गई है। प्रदेश के लोग महसूस कर रहे है कि उनपर कोई सरकार नहीं बल्कि माफिया राज कर रहे हैं। सरकार के संरक्षण में वन माफिया, शराब माफिया और टेंडर माफिया प्रदेेश के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं।
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यहां तक कि प्रदेश में सरकारी नौकरी वालों का तबादला रुकवाने और करवाने के नाम पर कमाई करने वालों का एक नया गिरोह तबादला माफिया कांग्रेस राज्य में पैदा हुआ है। और टेंडर तो उन्हीं लोगों को दिया जाता है जो शासन के करीब होते हैं। हमारा प्रयास इन सब माफियाओं को खत्म कर सुशासन बहाल करने का रहेगा।