हिजाब विवाद पर कर्नाटक के कांग्रेस नेता जमीर अहमद ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने रविवार को कहा कि इस्लाम में हिजाब का मतलब है ‘पर्दा’ और महिलाएं जब हिजाब नहीं पहनतीं तो उनके साथ दुष्कर्म होता है। उन्होंने कहा कि जब लड़कियां बड़ी होती हैं तो उन्हें हिजाब से अपनी सुंदरता को ढंकना चाहिए। हिजाब पहनना जरूरी नहीं है मगर यह सालों से चलन में है। वे केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के उस बयान पर अपनी टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुरान में कहीं भी हिजाब प्रथा का जिक्र नहीं है।
जमीर अहमद ने कहा कि हिजाब का मतलब गोशा पर्दा होता है। लड़कियों और औरतों को हिजाब में रखा जाता है, ताकि उसकी खूबसूरती ना दिखने पाए। महिलाओं और लड़कियों की सुंदरता को छिपाने के लिए उन्हें हिजाब में रखा जाता है।
उन्होंने कहा कि आप देख रहे हैं कि हिंदुस्तान में दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसकी वजह महिलाओं और लड़कियों को पर्दे में नहीं रखना है। महिलाओं को हिजाब में रखने का सिलसिला काफी पुराना है। यह अनिवार्य भी नहीं है। जिसको पहनना है पहने, जिसे नहीं पहनना है ना पहने। यह आज से नहीं वर्षों से है।
अगरतला के नेता के भी बिगड़े बोल
मामले पर बोलते हुए अगरतला में कांग्रेस नेता अजय कुमार ने कहा कि हर नियम केवल लड़कियों के लिए है। खाकी हाफ पैंट (आरएसएस की ड्रेस) जो गडकरी जी पहनते हैं, उन्हें भी प्रतिबंधित किया जाना चाहिए क्योंकि वह भी अश्लील है। लेकिन हम ऐसा नहीं करते हैं। गडकरी जी से कहो कि इसे मत पहनो।