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Maharashtra: 'बेहद विवादास्पद, दादागिरी को बढ़ावा देने वाला बयान', रामदास अठावले ने की राज ठाकरे की आलोचना

Sun, 06 Jul 2025 08:59 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Maharashtra:  केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राज ठाकरे के मराठी भाषा को लेकर दिए गए बयान को विवादास्पद और 'दादागिरी' को बढ़ावा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि भाषा के नाम पर हिंसा गलत है और हिंसा करने वाले मनसे कार्यकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही अठावले ने उद्धव ठाकरे की चुप्पी पर भी सवाल उठाया कि वे हिंदुओं की रक्षा के लिए क्या कर रहे हैं।
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केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले। - फोटो : अमर उजाला
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भाषा विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की हालिया टिप्पणियों की आलोचना की और उन्हें विवादास्पद और 'दादागिरी' को बढ़ावा देने वाला करार दिया। अठावले ने कहा कि लोगों को मराठी बोलने के लिए मजबूर करना गलत है। उन्होंने हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर मौन रहने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर भी सवाल उठाए। अठावले ने हिंसा में शामिल मनसे के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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रामदास अठावले ने राज ठाकरे की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि उद्योग इस तरह की घटनाओं के कारण बंद हो गए, तो क्या वह सभी को रोजगार देंगे? अठावले ने उद्धव ठाकरे को भी निशाना बनाया और पूछा कि बाला साहेब ठाकरे ने समुदाय के लिए बहुत कुछ किया। लेकिन अब वो (उद्धव) हिंदुओं की रक्षा के लिए क्या कर रहे हैं? अठावले ने कहा कि इस तरह की घटनाओं में शामिल मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। 

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अठावले ने कहा, राज ठाकरे ने बेहद विवादित बयान दिया है, जो ‘दादागिरी’ में लगे लोगों को प्रोत्साहित करता है। वह एक राजनेता हैं, इसलिए उन्हें ऐसी चीजें करने से बचना चाहिए। भाषा के कारण किसी को पीटना ठीक नहीं है और थप्पड़ मारने की यह भाषा बंद होनी चाहिए। मुंबई आर्थिक राजधानी है, वहां गैर-मराठी लोग भी उद्योगों के मालिक हैं। क्या राज ठाकरे सभी को रोजगार देंगे, अगर उद्योग बंद हो गए? मैं उद्धव ठाकरे से एक सवाल करना चाहता हूं— हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं, जबकि बाला साहेब ठाकरे ने हिंदुओं के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन अब आप क्या कर रहे हैं?... मेरा मानना है कि मनसे के पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। 

उन्होंने भाषा को लेकर दूसरों पर हमले करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा, जो मुंबई में जन्मे हैं और अन्य राज्यों से आते हैं, वे मराठी भी अच्छी तरह बोलते हैं। वे मराठी बोलते हैं, लेकिन दादागिरी की भाषा में कहना कि सभी को मराठी बोलनी चाहिए, यह ठीक नहीं है। हम इसकी निंदा करते हैं। मैं अपील करता हूं कि जो दूसरों को पीटते हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। 

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विवाद तब शुरू हुआ, जब राज ठाकरे ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाह दी थी कि जो मराठी नहीं बोलते, उन्हें पीटें, लेकिन ऐसे घटनाओं की वीडियो रिकॉर्ड न करें। यह बयान उस समय आया, जब मनसे कार्यकर्ताओं पर मुंबई में एक व्यवसायी के कार्यालय पर हमला करने का आरोप था, क्योंकि उन्होंने मराठी नहीं बोली थी। 

अठावले की ये टिप्पणियां मुंबई पुनर्मिलन रैली में राज ठाकरे के बयान के बाद आई हैं, जहां उन्होंने कहा था, चाहे वह गुजराती हो या कोई और, मराठी जरूर जाननी चाहिए, लेकिन मराठी नहीं बोलने पर लोगों को पीटने की जरूरत नहीं है। फिर भी अगर कोई नाटक करता है, तो आपको उनके कान के नीचे मारना चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मराठी गौरव के हक में वर्षों बाद पहली बार राज ठाकरे के साथ मंच साझा किया।

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