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अश्लील वीडियो का जाल, पैसे मांगे तो बिगड़ा खेल

Fri, 20 Sep 2019 09:08 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : File
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एक तरफ उत्तर प्रदेश सुर्खियों में है जहां भारतीय जनता पार्टी के एक पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री पर अनाचार का आरोप लगा है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया है। कुछ हद तक ऐसी ही एक खबर से मध्यप्रदेश में भी भूचाल सा आया हुआ है। मध्यप्रदेश का मामला इसलिए भी गरम है, क्योंकि इसमें घटना के तार प्रदेश की राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर से जुड़े हुए हैं। हालांकि मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की घटना में एक समानता भी है। दोनों में ही ब्लैकमेलिंग और रकम उगाही कॉमन फैक्टर है।

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आइए पहले भोपाल-इंदौर के मामले को तफ्सील से समझते हैं। यहां नेताओं और अफसरों को अश्लील वीडियो के जरिए फंसाकर ब्लैकमेल करने के मामले का खुलासा हुआ है। इस काम को एक गिरोह बनाकर अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस ने 19 सितंबर को गिरोह की पांच महिलाओं व एक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब ये महिलाएं इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को एक छात्रा के साथ बनाए गए वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर तीन करोड़ रुपये की मांग कर रही थीं।

ये है ब्लैकमेलर गिरोह

  • आरती दयाल
  • श्वेता विजय जैन
  • श्वेता स्वप्निल जैन
  • बरखा भटनागर सोनी
  • मोनिका यादव

दोस्ती से शुरू हुआ खेल

इंदौर नगर निगम के इंजीनियर को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू किया गया। उससे पैसों की मांग की गई। तीन बार रकम चुकाई भी गई। लेकिन गिरोह की मांग खत्म नहीं होती देख इंजीनियर हरभजन सिंह ने पुलिस का सहारा लिया और यहां से इस खेल का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया तो पता चला कि इसके तार भोपाल में भी थे। भोपाल में आरती नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया तो पता चला कि इस खेल में भोपाल की तीन और महिलाएं भी शामिल हैं।

एक-एक करके कड़ी जुड़ती गई

पुलिस ने भोपाल से 39 वर्षीय श्वेता जैन, उसके पति स्वप्निल जैन और बरखा सोनी को गिरफ्तार किया। सभी ने कबूल किया कि वे इंजीनियर को वीडियो के नाम पर धमकाकर ब्लैकमेल कर रहे थे। पुलिस को आरोपियों के पास से एक दर्जन से ज्यादा वीडियो, मोबाइल फोन, आठ से ज्यादा सिम कार्ड और 14 लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि ज्यादातर वीडियो नेताओं और अफसरों के हैं, जिन्हें ये महिलाएं प्यार के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल कर रहीं थीं।

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ऐसा ही हाल चिन्मयानंद प्रकरण का भी

पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद - फोटो : PTI
छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने की बात छात्रा के दोस्त संजय ने कबूल कर ली है। मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख नवीन अरोड़ा ने बताया कि चिन्मयानंद से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में बयानों और साक्ष्यों के आधार पर संजय सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

संजय को रंगदारी मांगे जाने की स्वीकारोक्ति वाला वीडियो और होटल में खाना खाने का वीडियो दिखाया गया तो संजय आदि ने इसे स्वीकार कर लिया। मामले में नाम उजागर होने पर थाना तिलहर के गांव बंथरा निवासी संजय सिंह, गाजियाबाद के 301 रिजेंट ब्लॉक सुपरटेक स्टेट सेक्टर-9 कौशांबी निवासी सचिन सेंगर उर्फ सोनू व मिस-ए (पीड़ित छात्रा) के खिलाफ धारा 385, 506, 201, 35 व 67 ए आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए संजय, सचिन, विक्रम को गिरफ्तार कर लिया गया।

गौरतलब है कि चौक कोतवाली पुलिस ने 27 अगस्त को चिन्मयानंद के खिलाफ छात्रा के पिता की ओर से अपहरण और जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज की थी। चिन्मयानंद से फिरौती मांगे जाने के मामले की रिपोर्ट उनके वकील ओम सिंह की ओर से 25 अगस्त को दर्ज करवाई गई थी। इन्हीं दोनों मामलों की विवेचना एसआईटी कर रही है।

एसआईटी ने इस तरह जुटाए साक्ष्य

एसआईटी ने संबंधित लोगों के बयान लेने के साथ ही कॉलेज के हॉस्टल, घटना स्थल, एसएस लॉ कॉलेज, छात्रा के घर आदि का निरीक्षण किया और विभिन्न संस्थानों, बैंकों से संबंधित जानकारियां लीं। दोनों घटनाओं में शामिल लोगों की लोकेशन, मौजूदगी, मोबाइल कॉल डिटेल, वाहनों की आवाजाही, टोल टैक्स बैरियर से जानकारी, रुकने के स्थानों से साक्ष्य और मोबाइल कंपनियों का डाटा, कॉलेज व बैंक के अभिलेख व अन्य जानकारियां कर संबंधितों पर कार्रवाई की।
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