केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने 2012 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर हज सब्सिडी के मुद्दे पर विचार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में तीर्थयात्रियों की हज सब्सिडी को धीरे-धीरे कम करने और 2022 तक समाप्त करने की बात कही थी।
नकवी ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि समिति द्वारा यह आकलन करने की संभावना है कि अगर कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है तब क्या सऊदी अरब की यात्रा करने वाले तीर्थयात्री कम भुगतान करते हैं या बराबर भुगतान करते हैं। अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नकवी ने कहा कि हज सब्सिडी के मुद्दों और उससे जुड़े सवाल समय-समय पर उठाए जाते रहे हैं।
सरकार ने सब्सिडी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि समिति अपना काम कर रही है और विभिन्न पक्षों के साथ चर्चा कर रही है। समिति इस बारे में जल्द ही अपनी सिफारिशें पेश करेगी।
नकवी ने कहा कि सरकार ने समिति को अध्ययन करने की खुली छूट दी है। समिति को इस बारे में विचार करना है कि क्या सब्सिडी के अभाव में हाजी कम भुगतान करके यात्रा करते या समान भुगतान करते हैं। उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब ने भारत के वार्षिक हज कोटे में 34,500 की वृद्धि कर दी है। इसके बाद अब यह संख्या 1.70 लाख हो गई है।