देश के 15 उच्च न्यायालयों ने जज बनाने के लिए 223 उम्मीदवारों के नामों का सुझाव भेजा है। उच्च न्यायालयों में जजों के 470 पद खाली पड़े हैं। इसमें दिल्ली, पंजाब और हरियाणा, इलाहाबाद, कर्नाटक, राजस्थान, गुवाहाटी और बांबे हाईकोर्ट भी शामिल हैं। इन उच्च न्यायालयों ने केंद्र सरकार को नामों का सुझाव भेजा है। केंद्र सरकार इन नामों को सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम के पास भेजेगी।
अभी तक अपनाई जा रही प्रक्रिया के मुताबिक हाईकोर्ट केंद्र को सुझाव भेजते हैं और केंद्र उक्त उम्मीदवारों के बारे में खुफिया जानकारी हासिल कर फाइल को सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम के पास भेज देता है। इसके बाद कोलेजियम इनमें से कुछ नामों को नियुक्ति के लिए आगे बढ़ाता है।
इसके बाद सरकार अपने फीडबैक के आधार पर कोलेजियम के सुझावों को स्वीकार करती है या फिर पुनर्विचार के अनुरोध के साथ उसे कोलेजिमय के पास लौटा देती है। हाल ही में केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्य न्यायिक सेवाओं और बार एसोसिएशनों के 78 नामों को सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के पास भेजा था। वर्तमान में देश के 24 हाईकोर्ट में जजों के 470 पद खाली हैं।