हाईकोर्ट ने वित्तमंत्री अरुण जेटली पर मानहानि मामले में जिरह के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अधिवक्ता द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लिया है। अदालत ने कहा कि जिरह तय कानून के दायरे में होनी चाहिए, इस प्रकार की टिप्पणियों से मानहानि करने वाले व्यक्ति को और अधिक अपमान का सामना करना पड़ता है।
अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा यदि ऐसी टिप्पणियां किसी दुष्कर्म के मामले में होने लगी तो पीड़िता का तो बार-बार अदालत में ही बलात्कार होगा। न्यायमूर्ति मनमोहन ने मानहानि मामले से ही जुड़े एक आवेदन पर सुनवाई के दौरान कहा कि यदि वरिष्ठ अधिवक्ता रामजेठमलानी ने यह टिप्पणियां प्रतिवादी बनाए गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की हिदायत पर की गई हैं तो पहले केजरीवाल को बाक्स में आना चाहिए और इन्हें सही साबित करें।
न्यायमूर्ति ने कहा यह गंभीर मुद्दा है और यदि ऐसी टिप्पणियां किसी दुष्कर्म के मामले में करने की इजाजत दी जाने लगे तो पीड़िता का तो बार-बार अदालत में ही बलात्कार होगा। अदालत ने टिप्पणियों को अपमानजक और अप्रिय करार देते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अनुमति नहीं दी जाएगी। बहस तय नियमों के अनुसार होनी चाहिए। एक व्यक्ति जिसने मानहानि का मामला दायर किया है इस तरह दोबारा उसका अपमान नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि बुधवार को जिरह के दौरान जेटली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी और एक आपत्तिजकन शब्द को लेकर दोनों पक्षों में गर्मागर्म बहस हो गई थी।
26 मई को होगी सुनवाई
अदालत इसी मामले में आप नेता राहुल चड्ढ़ा की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन्होंने अपने बयान में संशोधन करने की अनुमति मांगी है। इसी मामले में सुनवाई के दौरान जेटली की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर व संदीप सेठी ने अदालत के समक्ष बुधवार को जेठमलानी द्वारा की टिप्पणियों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा सर्वप्रथम यह तय होना चाहिए कि अधिवक्ता रामजेठमलानी ने यह टिप्पणियां मुख्यमंत्री की हिदायत पर की है या फिर अपने स्तर पर। उन्होंने यदि टिप्पणियां मुख्यमंत्री के इशारे पर की गई है तो वे मानहानि की राशि 10 करोड़ से बढ़ा कर 20 करोड़ करेंगे। वहीं, अगर जेठमलानी ने स्वयं ऐसा कहा है तो यह बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के खिलाफ है और वे जेठमलानी के खिलाफ शिकायत करेंगे।
अदालत ने उन्हें कहा कि वे इस संबंध में अलग से आवेदन संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष दायर कर सकते है। संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष सुनवाई 28 व 31 जुलाई तय है। वहीं अदालत ने राहुल चड्ढा की अर्जी पर सुनवाई 26 मई तय कर दी।
पेश मामले में जेटली ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व आप नेता राहुल चड्ढ़ा, संजय सिंह, आशुतोष, कुमार विश्वास और दीपक वाजपेयी समेत छह लोगों के खिलाफ 10 करोड़ का सिविल मानहानि मामला मामला दायर किया है। आरोप है कि इन सभी ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) विवाद में उन्हें बदनाम किया है। उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी की है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।