अवैध बालू खनन की सीबीआई जांच से घबराई उत्तर प्रदेश सरकार को शुक्रवार को हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने सीबीआई जांच वापस लेने की सरकार की रिकॉल अर्जी खारिज कर दी है। कहा है कि सीबीआई जांच फिलहाल जारी रहेगी। सीबीआई द्वारा कोर्ट में अपनी जांच रिपोर्ट भी दाखिल कर दी गई है। अदालत रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आवश्यक निर्देश देगी। मामले की सुनवाई के लिए 12 सितंबर की तिथि नियत की गई है।
मुख्य न्यायमूर्ति दिलीप बी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने शुक्रवार सुबह दस बजे कोर्ट बैठते ही अमर सिंह और अन्य दर्जनों की जनहित याचिका पर प्रदेश सरकार की रिकॉल अर्जी खारिज करने का आदेश सुनाया। इसके बाद सीबीआई के अधिवक्ता ने सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट दाखिल की। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा 28 जुलाई 2016 को दिए गए सीबीआई जांच के आदेश को एकतरफा बताते हुए वापस लिए जाने की अर्जी दी थी। महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने दलील दी कि कोर्ट का आदेश एकतरफा है। सीबीआई जांच का आदेश देने से पूर्व सरकार का पक्ष नहीं सुना गया। सरकार स्वयं अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। हर जिले में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है जो नियमित अवैध खनन की जांच कर रही है। कहीं से भी अवैध खनन की शिकायत नहीं है।