डीएस कॉलेज में सपा छात्र सभा के तीन नेताओं द्वारा अभद्रता करने के मामले से जिला प्रशासन से लेकर शासन तक हिल गया। लखनऊ तक पहुंचने के बाद शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। इस प्रकरण की पहली गाज एसएसपी लव कुमार पर गिरी है। उन्हें अलीगढ़ के एसएसपी पद से हटा कर पुलिस मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है।
उनके स्थान पर यहां पर राजेश पांडेय को नया एसएसपी बनाया गया है। इस मामले में थाना गांधी पार्क एसओ संजीव दुबे को पहले ही चार्ज से हटाया जा चुका था, शुक्रवार को आईजी सुजीत पांडेय ने उन्हें निलंबित कर दिया। कमिश्नर का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
डीएस कॉलेज में शुक्रवार को घटना की जांच के लिए अलीगढ़ मंडल के कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा, जिलाधिकारी राजमणि यादव, एसएसपी लव कुमार, एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव एवं सीओ बरला अमित कुमार समेत जनपद के तमाम बड़े अधिकारी डीएस कॉलेज पहुंचे।
'कुछ तत्व हैं जो घटना को बढ़ा चढ़ा रहे हैं'
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एसएसपी लव कुमार से कहा कि अनुशासनहीनता एवं हंगामा की घटना जरूर हुई, लेकिन छेड़खानी से इंकार किया। वहीं एसएसपी के सामने ही छेड़खानी का आरोप लगाने वाली छात्रा तनु सैनी एवं साधना श्रीवास्तव ने इसका विरोध किया। कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा का कहना है कि उन्होंने कॉलेज पहुंचकर मामले की पड़ताल की।
कुछ तत्व हैं जो घटना को बढ़ा चढ़ा रहे हैं उनकी मंशा अच्छी नहीं है। छात्राओं से घटना के बारे में पूछा गया है। मामले की सभी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को जल्दी ही बेनकाब किया जाएगा।
इस बीच शासन ने यूपी पुलिस के तेज तर्रार और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार पांडेय को अलीगढ़ का नया एसएसपी बनाया है। राजेश पांडेय दो दशक पहले हुए चर्चित श्रीप्रकाश शुक्ला एनकाउंटर में अहम भूमिका निभा चुके हैं। मूल रूप से इलाहाबाद के रहने वाले राजेश पांडेय पिछले दिनों लखनऊ तैनाती के दौरान कुछ विवादों में घिर गए थे, उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें हाशिए पर डाल
एसओ को भी निलंबित कर दिया गया
यूपी पुलिस
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दिया गया था। इसके बाद वह एटीएस में चले गए थे। वहीं गांधीपार्क में विजयराम दीक्षित को कार्यभार पहले ही सौंपा जा चुका है। डीएस कालेज प्रकरण पहले ही दिन से पुलिस के गले की फांस बना हुआ था। जानकारों की माने तो सपा छात्र नेताओं से मारपीट के एक आरोपी धीरज चौधरी के पिता एक बड़े भाजपा नेता के गनर हैं।
धीरज चौधरी को जब पुलिस ने पकड़ा तो भाजपा सांसद सतीश गौतम और मेयर शकुंतला भारती गांधीपार्क थाने से छुड़ा लाए। जबकि धीरज चौधरी पर ही सपा के छात्र नेताओं ने मारपीट का आरोप लगाया था।
इस पर स्थानीय सपा नेताओं ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पूरा फीडबैक दिया और उसका नतीजा ये हुआ कि एसएसपी को प्रकरण मैनेज नहीं कर पाने के कारण यहां से हटाया गया। एसओ को भी निलंबित कर दिया गया।