सोमवार को मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रिलायंस फाउंडेशन ने दुनियाभर की महिलाओं को विशेष उपहार दिया है। फाउंडेशन ने 'हरसर्कल डॉट इन' (HerCircle.in) नाम से एक डिजिटल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म की शुरूआत की है। इस पर केवल महिलाएं ही हिस्सा ले सकेंगी।
इस पोर्टल पर महिलाएं अपनी निजी परेशानियों को साझा कर सकेंगी और विशेषज्ञ महिलाओं से उसके विषय में उपयुक्त सलाह ले सकेंगी। इस मंच पर महिलाएं अपनी क्षमता के अनुसार कोई व्यवसाय चुनने के लिए साथी महिलाओं से विशेष सलाह भी ले सकेंगी, जो उनके आर्थिक सशक्तीकरण का मार्ग तैयार करेगी। चूंकि पूरा ग्रुप महिलाओं के द्वारा ही संचालित होगा, इसलिए महिलाओं को इस मंच पर अपनी परेशानियों को साझा करने में भी किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी।
प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे
हरसर्कल डॉट इन पर पूरी दुनिया की महिलाएं मुफ्त में जुड़ सकेंगी। इसे सीधे गूगल प्ले स्टोर से अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया जा सकेगा। इसे डेस्कटॉप पर भी चलाया जा सकेगा। प्राथमिक चरण में यह केवल अंग्रेजी भाषा में ही उपलब्ध कराया गया है, लेकिन शीघ्र ही इसे हिंदी सहित भारत की अनेक भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का यह पहला प्रयोग है। इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।
शुरुआत के मौके पर नीता अंबानी ने यह कहा
रविवार को हरसर्कल डॉट इन की शुरुआत करते हुए फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा कि यह ऐसा पोर्टल होगा जिस पर महिलाएं अपनी हर परेशानी या सफलता को अन्य महिला दोस्तों से मुफ्त में शेयर कर सकेंगी। इस पर उन्हें उनकी निजी परेशानियों से लेकर व्यावसायिक और सामाजिक समस्याओं का उचित समाधान दिया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यही है कि पूरा ग्रुप केवल महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा, इसलिए महिलाओं को अपना अनुभव शेयर करते समय किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी।
उन्होंने कहा कि एक महिला दूसरी महिला की परेशानी ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकती है क्योंकि कभी न कभी वह भी उसी तरह की समस्याओं से दो-चार हुई होती है। यही कारण है कि उन परेशानियों से निबटने में वह अपनी अन्य दोस्तों को उचित मार्गदर्शन दे सकती है।
पूरी दुनिया की महिलाएं जुड़ सकेंगी
दुनिया का कोई भी देश हो, महिलाओं की समस्याएं हर जगह कमोबेश एक जैसी हैं। यही कारण है कि अब पूरी दुनिया की महिलाओं को एक साथ सामने आकर इन समस्याओं के खात्मे के लिए काम करना चाहिए। यही कारण है कि हरसर्कल डॉट का दायरा केवल भारत तक सीमित नहीं रखा गया है, इस पर पूरी दुनिया में किसी भी देश की महिलाएं भाग ले सकेंगी। यह उनके करियर के विकास में भी विशेष सहयोग प्रदान करेगा।