दिल्ली में प्रदूषण के प्रकोप को लेकर केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की संसदीय समिति की बैठक में पर्यावरण सचिव, प्रदूषण रोकने के उपाय करने वाली एजेंसियों समेत अन्य अधिकारियों को आज खूब खरी-खरी सुननी पड़ी। बैठक में हिस्सा लेने पहुंची मथुरा की सांसद, फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी तीखे सवाल पूछे। आम तौर पर संसद में हेमा मालिनी को इस तरह से कम देखा जाता है। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह भी आक्रामक रहे और राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने भी कई सुझाव दिए।
किसानों की पराली को लेकर सरकारी रुख पर जमकर खरी खोटी सुनाई। आज हुई बैठक में पूर्व क्रिकेटर से सांसद बने गौतम गंभीर ने भी हिस्सा लिया। गौतम गंभीर ने सवाल भी पूछे और सुझाव भी दिया। इस समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल हैं। सूत्र बताते हैं कि सांसदों ने अपने सुझाव में कहा कि किसानों द्वारा पराली जलाने को लेकर सरकार का रुख किसानोन्मुखी होना चाहिए। किसानों के हित में सोचकर इसका समाधान निकाला जाना चाहिए।
बताते हैं आरके सिन्हा समेत अन्य ने किसानों को पराली के लिए सब्सिडी आदि जैसी व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार किसानों की पराली को ले और उसके निष्पादन के बारे में पहल करे। न कि किसानों पर केवल इसका ठीकरा फोड़ा जाए। एक सांसद के अनुसार अधिकारियों द्वारा प्रदूषण समस्या से निबटने के अधिकारियों द्वारा बताए गए उपाय पर सदस्य सहमत नहीं हुए।
समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल का रुख भी संसद के सदस्यों के साथ रहा। स्प्रे मशीन के सुझाव पर भी सांसदों ने अधिकारियों से तीखे सवाल किए। एक सदस्य ने कहा कि स्प्रे मशीन की संख्या, जरूरत और उपयोगिता के बारे में ठीक से तथ्य नहीं रखे गए। एक सदस्य ने सुझाव दिया कि दिल्ली में प्लांटेशन आदि में भी ढंग से पहल की जानी चाहिए।
बताते हैं समिति की बैठक में केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी विकास मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, डीडीए, एनडीएमसी समेत अन्य विभागों के अफसर मौजूद थे। अफसरों का ज्यादा जोर प्रदूषण रोकने के लिए मशीनों की खरीददारी की तरफ रुझान अधिक था। जबकि इसकी तुलना में पिछले कुछ सालों में किए गए प्रयास आदि से जुड़े तथ्यात्मक आंकड़े किसी खास पहल की चुगली से परे थे।