मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य के लोगों से शांति बहाल करने के लिए उनकी सरकार की मदद करने की अपील की। उन्होंने बताया कि सभी मुद्दों पर राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से चर्चा की जा सकती है। संघर्ष से मुद्दों को सुलझाने में मदद नहीं मिलेगी। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की तरफ से भी कुछ गलतियां हुई है। वे उन पर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने कहा, "गलतियां तो हमारी भी होगी। हम इस पर दूसरों से सलाह लेकर काम कर रहे हैं। राज्य में जो कुछ भी हो रहा है, वह ठीक नहीं है। हालांकि, कई लोगों के प्रयास से स्थिति सामान्य हो गई है।" बता दें कि मार्च 2023 से मणिपुर में जारी हिंसा में 250 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग बेघर हो गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "आशा करते हैं कि स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाए। आइए इसके लिए भगवान से प्रार्थना करें। पहाड़ों और घाटी के बीच विभाजन के बिना शांति बहाल करने का प्रयास करते हैं। हम सभी मणिपुरी है। हम सभी भारतीय हैं।" उन्होंने आगे कहा, "सभी मुख्य मुद्दों पर राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से चर्चा की जा सकती है। समाधान ढूंढना होगा। संघर्ष से कुछ भी अच्छा नहीं होता है।"
पश्चिमी इंफाल जिले के कांगचुप फेयेंग में मंगलवार रात को बम हमलों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा, "यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। पिछले पांच और छह महीने में एक भी हिंसा नहीं हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हम यह पता लगा लेंगे कि हमले के पीछे किसका हाथ था। आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
कैसे शुरू हुई मणिपुर में हिंसा?
मणिपुर में मैतेई समुदाय और कुकी समुदाय के बीच हिंसा तीन मई 2023 को उस समय शुरू हुई थी जब मणिपुर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ आदिवासी छात्रों संघ (ATSUM) ने एक रैली आयोजित की थी, जिसमें मणिपुरी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद से राज्य में हिंसा का सिलसिला जारी है, और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए केंद्र सरकार को अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा।