सड़क हादसों को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेल पहनना अनिवार्य किया हुआ है। ऐसा नहीं करने वालों पर पुलिस जुर्माना भी लगाती है। वहीं इससे बचने कि लिए कुछ लोगों ने नया तरीका निकाला है। पुणे के पास एक शहर पिंपरी चिंचवाड़ के लोग हेलमेट खरीदना जरूरी नहीं समझते हैं। खरीदने से बचने के लिए वह किराए पर हेलमेट लेते हैं। इस गांव के लोग अकसर पुणे जाते हैं जहां हेलमेट पहनना जरूरी है। हालांकि गांव में हेलमेट पहनने की कोई खास जरूरत नहीं पड़ती है।
इसके चलते पिंपरी से पुणे जाने वाले रास्ते पर बहुत सारे हेलमेट की दुकानें हैं जहां पर आपको किराए पर हेलमेट मिल जाएंगे। हेलमेट का किराया 10 और 20 रुपए है। हालांकि हेलमेट लेने के लिए सिक्योरिटी मनी के तौर पर 200 से 500 रुपए जमा करने होते हैं। जो हेलमेट जमा करने के बाद वापस मिल जाते हैं। जानकारी के मुताबिक इन दुकानों से रोज करीब 50 से 60 लोग रोजाना किराए पर हेलमेट लेते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक एक दुकानदार ने कहा कि गांव में हेलमेट की जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन पुणे जाने पर हेलमेट की जरूरत पड़ती है। क्योंकि शहर में हेलमेट पहनना जरूरी है। इसलिए शहर जाने वाला हर व्यक्ति हेलमेट पहनता है। गांव में ज्यादातर लोगों के पास हेलमेट नहीं है, इसलिए वह किराए पर हेलमेट लेते हैं। शाम को आकर वापस कर देते हैं। उनका कहना है कि दिन में 50 से 60 लोग रोज हेलमेट किराए पर ले जाते हैं।