पुणे जिले के भोर तालुका के नसरापुर इलाके में एक चार साल की बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की जघन्य वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस वीभत्स घटना के बाद पीड़िता के अंतिम संस्कार से पहले वैकुंठ धाम श्मशान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन सतर्क
पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। श्मशान घाट के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है।
आरोपी 7 मई तक पुलिस हिरासत में
वहीं, इस घटना के खिलाफ जिले में शनिवार की देर रात लोगों ने पुणे-बंगलूरू राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इन लोगों को लाठीचार्ज कर पुलिस ने तितर-बितर कर दिया। इस मामले के 65 वर्षीय आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक अदालत ने सात मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
65 साल के शख्स ने दिया दुष्कर्म-हत्या को अंजाम
यह भयावह घटना एक मई को पुणे जिले के भोर के नसरापुर इलाके में हुई, जब कथित तौर पर 65 वर्षीय एक व्यक्ति ने चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नसरापुर की नाबालिग पीड़िता के बलात्कारी और हत्यारे के लिए मौत की सजा का वादा किया है। वहीं, राज्य की विपक्षी पार्टियों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है।
बच्ची को खाने का लालच देकर बहलाया
जानकारी के अनुसार, गर्मी की छुट्टियों में नसरापुर आई नाबालिग बच्ची को आरोपी ने खाने का लालच देकर एक मवेशी बाड़े में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद, आरोपी ने पत्थर से बच्ची की हत्या कर दी और शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपा दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से इस अपराध का खुलासा हुआ, जिसके बाद 65 वर्षीय संदिग्ध को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जाता है कि उस पर 1998 और 2015 से ही इसी तरह के छेड़छाड़ के आरोप दर्ज हैं।
फडणवीस बोले- ये मानवता पर कलंक
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस कृत्य कोमानवता पर कलंक बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुणे ग्रामीण पुलिस को एक पुख्ता मामला सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि मुकदमे की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाएगी। सीएम फडणवीस ने जनता को आश्वासन दिया है कि सच्चाई और सभी तथ्य जल्द ही सामने लाए जाएंगे और सरकार दोषियों को कड़ी मिसाल कायम करने के लिए मौत की सजा की मांग करेगी।
नसरापुर में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद, सीएम फडणवीस ने पुष्टि की है कि अभियोजन पक्ष के मामले में कोई खामी न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए पुणे ग्रामीण के एसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे हैं।