मूसलाधार बारिश रात करीब एक बजे शुरू हुई। तड़के तक जारी रही। इससे विक्रोली, घाटकोपर, भांडुप, चूनाभट्टी, आरे, अंधेरी, किंग्स सर्कल, मलाड और गोरेगांव सहित पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। मध्य और पश्चिमी रेलवे लाइनों पर कई स्थानों पर पटरियों पर जलभराव के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं।
मध्य रेलवे लाइन पर मुख्य लाइन पर माटुंगा, सायन, कुर्ला, विद्याविहार, घाटकोपर और भांडुप तथा हार्बर लाइन पर वडाला, चूनाभट्टी, तिलक नगर और कुर्ला में पटरियां जलमग्न हो गईं। पश्चिमी रेलवे पर दादर और माहिम स्टेशनों के बीच की पटरियां भी जलमग्न हो गईं। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने कहा कि सुबह करीब आठ बजे पानी कम हुआ और रेल यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया। सुबह करीब साढ़े 11 बजे ट्रेनें 15-20 मिनट देरी से चल रही थीं।
बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) के एक प्रवक्ता ने बताया कि बस परिचालन भी प्रभावित हुआ है। सायन, किंग्स सर्कल, आरे कॉलोनी और मलाड सबवे सहित अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों से कई बसों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि कई क्षेत्रों में पम्पिंग कार्य चल रहा है, तथा जलभराव और पेड़ गिरने की शिकायतों के समाधान के लिए प्रतिक्रिया दल तैनात किए गए हैं। बीएमसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि नगर आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगरानी ने नगर निगम मुख्यालय स्थित आपदा प्रबंधन आपातकालीन नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
भूस्खलन में दो की मौत