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Rain: हिमाचल समेत कई राज्यों में भारी वर्षा की वजह क्या है, इसका असर क्या हो रहा है? जानें कब सुधरेंगे हालात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 10 Jul 2023 05:20 PM IST

सार

आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्रा के मुताबिक, भारी बारिश पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के बीच संपर्क के कारण हुई है। इस संपर्क के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी पंजाब और हरियाणा, उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी वर्षा हो रही है।
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भारी बारिश - फोटो : AMAR UJALA
देश के कई इलाकों में बीते तीन दिन से भारी बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड तो मैदानी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। बीते 24 घंटे के दौरान अलग-अलग घटनाओं में देशभर में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है। हिमाचल प्रदेश के मंडी में ब्यास नदी के उफान में करीब पांच दशक पुराना पुल बह गया है। 

दिल्ली में 41 साल बाद जुलाई में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। बारिश के चलते कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। देशभर में कहां और कितनी बारिश हुई? इसका असर क्या हुआ है? आखिर भारी वर्षा की वजह क्या है? स्थिति से निटपने के लिए सरकार क्या कर रही? अगले सात दिन मौसम कैसा रहेगा? आइये जानते हैं...
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भारी बारिश - फोटो : AMAR UJALA
देश के कई इलाकों में बीते तीन दिन से भारी बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड तो मैदानी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। बीते 24 घंटे के दौरान अलग-अलग घटनाओं में देशभर में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है। हिमाचल प्रदेश के मंडी में ब्यास नदी के उफान में करीब पांच दशक पुराना पुल बह गया है। 

दिल्ली में 41 साल बाद जुलाई में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। बारिश के चलते कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। देशभर में कहां और कितनी बारिश हुई? इसका असर क्या हुआ है? आखिर भारी वर्षा की वजह क्या है? स्थिति से निटपने के लिए सरकार क्या कर रही? अगले सात दिन मौसम कैसा रहेगा? आइये जानते हैं...

भारी वर्षा - फोटो : PTI
देशभर में कहां और कितनी बारिश हुई?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, रविवार (नौ जुलाई) को देशभर में दो फीसदी अधिक वर्षा हुई। उत्तर पश्चिम भारत में 59 फीसदी अधिक वर्षा हुई है, जबकि मध्य भारत में चार फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। शनिवार और रविवार के बीच हरियाणा और पंजाब के कई अन्य स्थानों में भारी बारिश हुई, जिससे बाढ़ आ गई। पंजाब में  4.6 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 57.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो दिन के लिए 1,151 फीसदी अधिक है। पंजाब के पटियाला, फाजिल्का, होशियारपुर, रोपड़, फतेहगढ़ साहिब समेत विभिन्न जिलों में भारी बारिश हुई है। चंडीगढ़ में 32 सेमी रिकॉर्ड बारिश हुई। 

हरियाणा के अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल और कैथल समेत अधिकतर जिलों में भारी बारिश हुई है। अंबाला में 4.1 सेमी बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश में शनिवार और रविवार की सुबह के बीच सामान्य आठ मिमी की तुलना में 103.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो कि 1,193 फीसदी अधिक वर्षा है। रविवार सुबह 8.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे के बीच शिमला में 5.5 सेमी बारिश दर्ज की गई; कांगड़ा 5.9 सेमी; चंबा 5.6 सेमी। रविवार सुबह 8.30 बजे तक भुंतर में 10 सेमी और मंडी में आठ सेमी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली में रविवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे में 153 मिमी बारिश हुई। यह 41 साल पहले 25 जुलाई, 1982 को हुई 169.9 मिमी बारिश के बाद सर्वाधिक है।


 

मंडी में करीब पांच दशक पुराना पुल बह गया - फोटो : PTI
इसका असर क्या हुआ है? 
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से सड़कें मलबे में बदल गई हैं। हिमाचल में शनिवार देर रात मंडी और कुल्लू में बादल फटने से ब्यास नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिसमें तीन पुल, एक एटीएम समेत चार दुकानें बह गईं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि पिछले दो दिनों में राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में लगभग 17 लोगों की मौत हो गई है।

भारी बारिश - फोटो : PTI
अचानक आई बाढ़ में बह गईं कारें
बादल फटने के बाद ब्यास नदी में अचानक बाढ़ आ जाने से कुल्लू-मनाली में कई गाड़ियां बह गईं। भूस्खलन से मनाली-लेह, चंडीगढ़-मनाली समेत पांच नेशनल हाईवे, 736 सड़कें बंद हो गई हैं। हेरिटेज कालका-शिमला ट्रैक पर मलबा गिरने से ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। 

पंजाब के कई इलाकों में ट्रैक पर पानी भरने से अंबाला से ऊना-अंब-दौलतपुर चौक आने वाली वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों की आवाजाही ठप रही। श्रीखंड महादेव यात्रा दो दिन के लिए निलंबित कर दी गई है। भारी बारिश के चलते मोहाली के जीरकपुर की गुलमोहर हाउसिंग सोसायटी में पानी भर गया। गाड़ियां डूब गईं। पहली मंजिल तक पानी भरने की वजह से लोगों को निकालने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। 

लुधियाना के खन्ना में सतलुज किनारे फंसे 50 लोगों को बचा लिया गया है। रोपड़-नंगल रेल ट्रैक उखड़ गया है। बठिंडा में भी एनडीआरएफ तैनात कर दी गई है। राजस्थान के हनुमानगढ़ में छह इंच पानी बरसा है। वहीं, झुंझुनूं व सीकर में बाढ़ जैसे हालात हैं।

दिल्ली में लाल निशान के पास यमुना - फोटो : PTI
दिल्ली में लाल निशान के पास यमुना, बाढ़ की चेतावनी
दिल्ली में यमुना नदी का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। रविवार रात नौ बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर पानी 203.62 मीटर ऊंचाई पर था, जो लाल निशान से 1.71 मीटर नीचे था। यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ने से दिल्ली सरकार ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है। अब तक एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा चुका है। 

दिल्ली में गुरुद्वारा रकाब गंज रोड स्थित भाजपा सांसद साक्षी महाराज, जनपथ रोड पर भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा, रायसीना रोड स्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, मथुरा रोड स्थित दिल्ली की लोक निर्माण विभाग मंत्री आतिशी के घर में पानी भर गया।  

उत्तराखंड में भूस्खलन से मलबा आ जाने से 175 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे रात आठ से सुबह पांच बजे तक बंद रहेगा।

कई राज्यों में स्कूल बंद
भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर स्कूलों को बंद करना पड़ा है। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, हापुड़ और फरीदाबाद में सोमवार को स्कूल बंद रहे। लुधियाना में भी बारिश के चसते स्कूल बंद करने की घोषणा की गई। वहीं, गाजियाबाद में बारिश व कांवड़ यात्रा के चलते स्कूल 10-16 जुलाई तक बंद रहेंगे।

अमरनाथ यात्रा का बेस कैंप बालटाल पहुंचे श्रद्धालु - फोटो : PTI
जम्मू कश्मीर में हालत खराब 
जम्मू कश्मीर में दो दिन से हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण स्थगित अमरनाथ यात्रा तीसरे दिन रविवार को पहलगाम व बालटाल दोनों मार्गों से बहाल कर दी गई। भारी बारिश के चलते डोडा में भूस्खलन की चपेट में एक सवारी बस के आने से चालक और कंडक्टर की मौत हो गई। उधमपुर में तवी और दक्षिण कश्मीर-श्रीनगर में झेलम नदी खतरे के निशान से ऊपर है। मौसम विभाग ने कठुआ, सांबा के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए नदी-नाले के किनारे न जाने की सलाह दी है।

चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद - फोटो : PTI
भारी बारिश की वजह क्या है?
आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्रा के मुताबिक, भारी बारिश पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के बीच संपर्क के कारण हुई है। इस संपर्क के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी पंजाब और हरियाणा, उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी वर्षा हो रही है। जैसा कि अनुमान लगाया गया था कि जुलाई में अच्छी बारिश होगी, अब बारिश की कमी पूरा हो गई है। पिछले नौ दिनों में, जुलाई की अवधि की तुलना में 24 फीसदी अधिक वर्षा हुई है। कल से इन राज्यों में बारिश धीरे-धीरे कम हो जाएगी।

हाल की वर्षा ने हिमाचल में भारी तबाही मचाई। इस पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव एम राजीवन ने कहा, 'हिमाचल प्रदेश में आई बाढ़ हमें 2013 की उत्तराखंड बाढ़ की याद दिलाती है। निचले स्तर की मजबूत पूर्वी हवाओं के साथ एक सक्रिय मानसून काफी मात्रा में नमी ला रहा है।' 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
स्थिति से निटपने के लिए सरकार क्या कर रही?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश से बिगड़े हालात की जानकारी ली है। उन्होंने इस बारे में वरिष्ठ मंत्रियों, अधिकारियों से बात की है। पीएमओ ने बताया कि अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को भारी बारिश के कारण बिगड़े हालात के बारे में जानकारी दी है। उन्हें बताया गया है कि स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित लोगों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं।  

गृह मंत्री हालात पर रख रहे नजर 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपालों के संपर्क में हैं। उन्होंने स्थितियों का आकलन करने के लिए पंजाब और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क किया है।

हरियाणा का मौसम - फोटो : अमर उजाला
आगे कैसा होगा मौसम?
इस बीच, आईएमडी ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश और उत्तरी पंजाब और हरियाणा के आसपास के क्षेत्रों में तेज वर्षा हुई जो आज भी जारी रहेगी। हालांकि विभाग का कहना है कि इसके बाद काफी कमी आ सकती है। अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत और इससे सटे पूर्वी भारत में अत्यधिक भारी वर्षा होगी। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिम भारत में हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं, कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की उम्मीद है। मध्य भारत में अगले पांच दिनों में हल्की से मध्यम के साथ अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत की बट करें तो तटीय कर्नाटक और केरल में अगले पांच दिनों में हल्की से तेज बारिश होने का अनुमान है।
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