राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने कहा है कि केरल, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत 16 राज्यों में अगले दो दिनों में भारी बारिश के आसार है। मछुआरों को मध्य अरब सागर में नहीं जाने की सलाह दी गई है। एनडीएमए ने एक बयान में कहा कि बंगाल की खाड़ी के आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश के आसार है।
भारतीय मौसम विभाग के एक बुलेटिन के हवाले से एनडीएमए ने बताया कि उत्तराखंड के दूरदराज के क्षेत्रों में आज और सोमवार को भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसमें कहा गया है कि पश्चिम मध्य अरब सागर में समुद्रीय स्थितियां खराब से बेहद खराब होने के आसार हैं। मछुआरों को इस क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
केरल में बारिश और बाढ़ ने भयंकर तबाही मचा रखी है। यहां पर बारिश के कहर से अब तक 180 लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी मौत 29 मई से लेकर अब तक हुई हैं। अगर बात करें आने वाले दिनों में राहत की, तो ऐसे भी कोई आसार नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि 14 अगस्त तक केरल के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका है।
खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं। राजनाथ सिंह आज केरल के दौरे पर हैं, जहां पर्यटन मंत्री के.जी. अल्फोंस के साथ उन्हें बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। वह केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन, राज्य सरकार के मंत्रियों, मुख्य सचिव, केंद्रीय एजेंसियों व राज्य प्रशासन के अन्य शीर्ष अधिकारियों से केंद्र सरकार की एजेंसियों व राज्य सरकार द्वारा चलाए गए राहत व बचाव और खोज अभियान का जायजा ले रहे हैं।
केंद्र ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्रिशूर, एर्नाकुलम, अलप्पुझा, वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में एनडीआरएफ की 14 टीमें तैनात की है। ये टीमें चिकित्सा सहायता के साथ राहत सामग्रियों के वितरण का भी काम कर रही हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ की अन्य टीमें भी तैनात रखी गई हैं। अब तक 398 लोगों को बचाया गया है।
उत्तराखंड, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, अरूणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के दूरदराज के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
इस बार मानसून के दौरान अब तक सात राज्यों में बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में 718 लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया केन्द्र (एनईआरसी) के अनुसार उत्तर प्रदेश में 171 लोगों, पश्चिम बंगाल में 170 लोगों, केरल में 178 और महाराष्ट्र में 139 लोगों की मौत हो चुकी हैं।
इसके अलावा गुजरात में 52 लोगों, असम में 44 और नगालैंड में आठ लोगों की मौत हुई है। राज्यों में बारिश से संबंधित घटनाओं में कुल 26 लोग लापता भी हुए है। जिनमें से केरल में 21 लोग और पश्चिम बंगाल में पांच लोग लापता हुए। जबकि 244 अन्य लोग घायल हुए हैं।