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आपदा: गुजरात में भारी बारिश और सरदार सरोवर डैम से पानी छोड़े जाने से नर्मदा में बाढ़; दो दिन के लिए रेड अलर्ट

Sun, 17 Sep 2023 09:22 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पंचमहल, दाहोद, खेड़ा, अरावली, महिसागर, बनासकांठा और साबरकांठा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कहा है कि मंगलवार सुबह तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
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गुजरात में बाढ़ जैसी स्थिति - फोटो : Social media
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विस्तार
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बीते कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। कई इलाकों में तो बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, देश में बारिश को लेकर मौसम विभाग की तरफ से अलर्ट भी जारी किया गया है। इस बीच, रविवार यानी आज गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, बीते 12 घंटों में 76 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके कारण अहमदाबाद के कई इलाकों में पानी भर गया और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इसके कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर यातायात के लिए अंडरपास को बंद कर दिया है। इतना ही नहीं कई गांवों का संपर्क टूट गया है। बता दें कि राज्य में नर्मदा और कई अन्य नदियां पूरे उफान पर हैं। 

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पंचमहल, दाहोद, खेड़ा, अरावली, महिसागर, बनासकांठा और साबरकांठा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कहा है कि मंगलवार सुबह तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। वहीं गुरुवार सुबह तक के लिए भी विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि गुरुवार सुबह तक गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 

नर्मदा में आई बाढ़
गुजरात में सरदार सरोवर बांध का जलाशय रविवार सुबह इस मानसून में पहली बार अपने पूर्ण स्तर (एफआरएल) 138.68 मीटर तक पहुंच गया। इसके बाद अधिकारियों ने अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए बांध के 30 गेटों में से 23 खोल दिए। भरूच जिले में नर्मदा नदी खतरे के निशान (24 फीट) को पार करते हुए 31 फीट पर बह रही है। बाढ़ से प्रभावित कुल 9,613 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नर्मदा, भरूच, वडोदरा, दाहोद और पंचमहल जिलों में 207 अन्य लोगों को बचाया गया।

बाढ़ से प्रभावित गावों में दुनिया के सबसे ऊंचे स्मारक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास स्थित गांव भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के किनारे स्थित वडोदरा और भरूच जिलों के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ आ गई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

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ये नदियां भी उफान पर
नर्मदा के अलावा विभिन्न बांधों से पानी छोड़े जाने के साथ-साथ भारी बारिश के कारण ओरसांग, हेरन, माही, मेशरी और पानम जैसी वर्षा आधारित नदियां उफान पर हैं, जिसके परिणामस्वरूप निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है। प्रशासन के साथ ही मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया है। 

एनडीआरएफ की टीम चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय बचाव टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इन लोगों ने नर्मदा जिले के एक आवासीय विद्यालय के लगभग 70 छात्र और पंचमहल जिले में एक नदी के पास एक पुल के नीचे फंसे लगभग 100 मजदूरों को बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।  

वहीं, सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएनएल) के एक अधिकारी ने कहा कि पानी का प्रवाह धीरे-धीरे कम होने से बांध का जल स्तर अपने पूर्ण जलाशय स्तर 138.68 मीटर से नीचे आ गया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही नदी में पानी छोड़ा गया, कम होगा, नदी के किनारे बाढ़ की स्थिति कम होने की संभावना है।

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